नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अभिनेता से नेता बने विजय लगातार सुर्खियों में हैं। इस बीच, उनको लेकर साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने उन अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश की है जिनमें कहा जा रहा था कि विजय की जीत से रजनीकांत जल रहे हैं।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मेरा स्तर इतना गिरा हुआ नहीं है।” दरअसल, सोशल मीडिया पर विजय से जलन की खबरों पर उन्होंने बेहद गंभीरता से जवाब देते हुए कहा कि उनका स्तर इतना गिरा हुआ नहीं है कि वह किसी से ईर्ष्या करें”विजय के सीएम बनने पर हैरानी भी हुई और खुशी भी”
सोशल मीडिया पर लगातार यह दावा किया जा रहा था कि रजनीकांत, थलपति विजय की चुनावी सफलता और उनके मुख्यमंत्री बनने के फैसले से खुश नहीं हैं। यहाँ तक कि उन पर विजय को बधाई न देने के भी आरोप लगे।
इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए रजनीकांत ने कहा “अफवाहें उड़ाई गईं कि मैं विजय को सीएम बनते नहीं देखना चाहता या मैं दो पार्टियों के विलय की कोशिश कर रहा हूँ। लोग कह रहे हैं कि मैंने उन्हें एयरपोर्ट पर बधाई नहीं दी, जबकि मैंने उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बधाई दी थी। विजय के मुख्यमंत्री बनने की खबर सुनकर मुझे हैरानी जरूर हुई थी, लेकिन उतनी ही खुशी भी हुई।”
उन्होंने आगे मुस्कुराते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की, “मैं तो अब राजनीति में हूँ ही नहीं, फिर विजय से जलन क्यों करूँ? हाँ, अगर कमल हासन मुख्यमंत्री बनते तो शायद मुझे थोड़ी जलन होती! विजय और मेरे बीच 25 साल का एक पूरा जेनरेशन गैप है, हमारा मुकाबला करना ठीक नहीं है।”
एमके स्टालिन से मुलाकात पर दी सफाई: “दोस्ती राजनीति से ऊपर है”
चुनाव नतीजों के ठीक बाद रजनीकांत ने डीएमके (DMK) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की थी, जिस पर काफी राजनीतिक बवाल मचा। रजनीकांत ने इस मुलाकात की असल वजह बताते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया।
उन्होंने साफ किया कि कुलाथुर सीट से स्टालिन की अप्रत्याशित हार से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर गहरा दुख पहुँचा था। रजनीकांत ने कहा, “हमारी दोस्ती राजनीति के नफा-नुकसान से कहीं ऊपर है। स्टालिन की हार से दुखी होकर ही मैं उनसे मिलने गया था, लेकिन लोगों ने इसे भी आलोचना का विषय बना दिया।”
“रजनीकांत कोई घटिया इंसान नहीं है…”
प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की मुख्य वजह बताते हुए सुपरस्टार ने कहा कि अगर वह इन अफवाहों पर खामोश रहते, तो लोग इन्हें ही सच मान लेते। अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्होंने दोटूक कहा “मेरा स्तर इतना गिरा हुआ नहीं है। रजनीकांत कोई घटिया किस्म का इंसान नहीं है जो बिना किसी वजह के दूसरों के मामलों पर टिप्पणी करे या किसी की कामयाबी से ईर्ष्या रखे।”