देशभर में मौसम इन दिनों तेजी से बदल रहा है। उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें 74 लोगों की जान चली गई। अब हालात बदलने वाले हैं—बारिश थमने के साथ ही प्रदेश में गर्मी फिर से जोर पकड़ने जा रही है।
यूपी का मौसम: अब बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग के अनुसार 14 मई से उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां खत्म होते ही तापमान तेजी से बढ़ेगा। लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 39°C तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम 27°C के आसपास रहेगा। कानपुर, आगरा, वाराणसी और बरेली में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।
बुंदेलखंड क्षेत्र में तापमान 45°C तक पहुंच सकता है, और दक्षिणी यूपी में लू चलने की आशंका है।
दिल्ली में फिर लौटेगी भीषण गर्मी
दिल्ली में फिलहाल बादल और हल्की बारिश से राहत मिली है, लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। 18 मई के आसपास हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 45°C तक पहुंच सकता है। 14 मई को अधिकतम तापमान लगभग 38°C रहने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों का हाल
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 15-16 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। तेज हवाएं 30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।
उत्तराखंड में भी 14 मई तक मौसम खराब रह सकता है।
इन राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
- पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़: हल्की बारिश और आंधी
- राजस्थान: कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश
- पूर्वोत्तर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि): 17 मई तक बारिश, कई जगह भारी बारिश का अलर्ट
- बिहार, झारखंड, ओडिशा: तेज हवाएं (60–70 किमी/घंटा), बिजली गिरने के साथ बारिश
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 16 मई तक भारी वर्षा संभव
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 17 मई तक बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी मौसम सक्रिय रहेगा।
मानसून की आहट
दक्षिण-पश्चिम मानसून के 16 मई के आसपास अंडमान-निकोबार क्षेत्र में आगे बढ़ने के संकेत हैं, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।
जहां एक तरफ देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी जारी है, वहीं उत्तर भारत—खासतौर पर यूपी और दिल्ली—में जल्द ही भीषण गर्मी और लू का दौर शुरू होने वाला है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।