नई दिल्ली/लखनऊ। देश में इस समय भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। बीच में मौसम कुछ समय के लिए सुहावना हुआ था, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन बीते एक-दो दिनों में फिर से तापमान तेजी से बढ़ा है और गर्मी प्रचंड हो गई है।
इसी बीच मौसम विशेषज्ञों ने एक बड़ा अपडेट दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मॉनसून की समय से पहले दस्तक के लिए बेहद अनुकूल बन रही हैं।
गर्मी की तपिश झेल रहे उत्तर भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए एक नए ‘वेदर सिस्टम’ ने देशभर में मौसम का मिजाज बदल दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि परिस्थितियां इतनी अनुकूल हैं कि इस बार मानसून दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में समय से पहले दस्तक दे सकता है।
चक्रवाती सिस्टम हुआ मजबूत, मानसून ने पकड़ी रफ्तार
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) विकसित हो गया है। अगले कुछ घंटों में यह और अधिक शक्तिशाली होने वाला है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह मानसून को उत्तर दिशा की ओर तेजी से धकेल रहा है, जिससे देशभर में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आ गई है।
यूपी-बिहार में आज कैसी रहेगी स्थिति?
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है:
- उत्तर प्रदेश: राज्य के 38 जिलों में आज तेज आंधी और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
- बिहार: बिहार के सभी जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड के सभी जिलों और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू समेत कई हिस्सों में आंधी-तूफान के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। हिमाचल में अगले दो दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में ‘भारी बारिश’ की चेतावनी
खाड़ी में बने इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत में दिखने वाला है:
- केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक: यहाँ 14 से 17 मई के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
- ओडिशा: राज्य के 20 जिलों में अगले 6 दिनों तक बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- पूर्वोत्तर: असम, मेघालय और मणिपुर में भी मानसून की सक्रियता के कारण अच्छी बारिश की उम्मीद है।
मौसम डायरी: विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह सिस्टम इसी गति से आगे बढ़ा, तो इस साल खेती-किसानी के लिए मानसून की शुरुआत काफी सुखद हो सकती है।