Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: “नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > फीचर > “नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?
फीचर

“नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?

news desk
Last updated: May 12, 2026 3:43 pm
news desk
Share
SHARE

पंजाब, जिसे कभी देश का “अन्नदाता” कहा जाता था, आज ड्रग्स, अपराध और सुरक्षा संकट को लेकर लगातार सुर्खियों में है। आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने सत्ता में आते ही “नशे के खिलाफ युद्ध” का वादा किया था, लेकिन हालिया आंकड़े और घटनाएं एक जटिल तस्वीर पेश करते हैं।

Contents
ड्रग्स की जड़ें: इतिहास से वर्तमान तकराजनीति और वादेवर्तमान स्थिति: डेटा बनाम जमीनी हकीकतऔर सुरक्षा चिंताआतंकवाद और बाहरी खतरे

हालिया उपलब्ध NCRB आंकड़ों के अनुसार, पंजाब NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल रहा है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रग ओवरडोज से कई मौतें भी दर्ज की गई हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या हालात में वाकई सुधार हुआ है।

ड्रग्स की जड़ें: इतिहास से वर्तमान तक

पंजाब में नशे की समस्या नई नहीं है। इसकी जड़ें 1980-90 के दशक में आतंकवाद के दौर से जुड़ी मानी जाती हैं, जब सीमापार तस्करी के जरिए अफीम और हेरोइन का नेटवर्क फैला।

2000 के बाद सिंथेटिक ड्रग्स—जैसे “चिट्टा” और “आइस”—ने युवाओं को तेजी से प्रभावित किया, और 2010 के दशक तक पंजाब को “ड्रग हब” के रूप में देखा जाने लगा।

राजनीति और वादे

2007-2017 के अकाली-बीजेपी शासनकाल में विपक्ष ने आरोप लगाए कि ड्रग माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला। इसी मुद्दे पर AAP ने 2022 के चुनावों में बड़ा वादा किया कि सत्ता में आने के बाद पंजाब को नशा मुक्त किया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने भी दावा किया था कि राज्य में “नशे की छठी नदी” बह रही है, जिसे खत्म करना जरूरी है

वर्तमान स्थिति: डेटा बनाम जमीनी हकीकत

सरकार का कहना है कि सख्त कार्रवाई के कारण NDPS मामलों में बढ़ोतरी दिख रही है, क्योंकि अधिक गिरफ्तारी और छापेमारी की जा रही है।

हालांकि, जमीनी स्तर पर ड्रग सप्लाई और तस्करी के नेटवर्क के पूरी तरह खत्म होने के संकेत अभी स्पष्ट नहीं हैं।

और सुरक्षा चिंता

हाल के वर्षों में कुछ आपराधिक घटनाओं और गैंगस्टर गतिविधियों ने कानून-व्यवस्था पर बहस को तेज किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पंजाब में ड्रग्स की स्थिति को “चिंताजनक” बताया है।

इसके अलावा, किशोर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

आतंकवाद और बाहरी खतरे

हाल के वर्षों में ड्रोन के जरिए तस्करी, सीमापार नेटवर्क और कुछ उग्रवादी मॉड्यूल से जुड़ी घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।

जहां विपक्ष इसे सरकार की विफलता बताता है, वहीं सरकार इसे बाहरी साजिश का हिस्सा मानती है।AAP सरकार का दावा है कि उसने ड्रग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है और कई तस्करों को गिरफ्तार किया है।

लेकिन आंकड़े और जमीनी हालात यह संकेत देते हैं कि समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। बड़ा सवाल यही है क्या पंजाब “रंगला पंजाब” की ओर बढ़ रहा है, या फिर अभी भी ड्रग संकट के चक्र में फंसा हुआ है?

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: AAP Punjab, Bhagwant Mann government, drug problem Punjab, Punjab Crime News, Punjab drug crisis, Punjab drugs issue, Punjab news
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article UP Bullet Train: दिल्ली से अयोध्या-बनारस का सफर अब ‘हवाई जहाज’ से भी तेज! जानें आपके शहर में कहां बनेगा स्टेशन
Next Article केरल में CM पद पर कांग्रेस में घमासान, सतीशन-वेणुगोपाल-चेन्नितला में कड़ी टक्कर… कब तक होगा ऐलान?

फीचर

View More

8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी

काराकास: धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल जब तेज होती है, तो उसका असर भूकंप के रूप में…

By vineet verma 8 Min Read

आसमान साफ, फिर भी मौसम विभाग कैसे बता देता है बारिश? जानिए बादलों से पहले कैसे पकड़ ली जाती है बारिश की आहट

नई दिल्ली : कई बार आसमान बिल्कुल साफ दिखाई देता है, तेज…

5 Min Read

NDA Power Shift: नीतीश-नायडू का ‘किंगमेकर’ टैग खतरे में? विपक्ष की टूट से बढ़ा PM मोदी का कुनबा, बदल गया दिल्ली का समीकरण!

भारतीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर एनडीए…

4 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsफीचर

8-9 तीव्रता के भूकंप झेल गए कई देश, फिर 7 तीव्रता के झटकों ने वेनेजुएला को क्यों हिला दिया? जानिए इतिहास के 10 सबसे विनाशकारी भूकंपों की पूरी कहानी

काराकास: धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल जब तेज होती है, तो उसका असर भूकंप के रूप में…

8 Min Read
Trending Newsफीचर

आसमान साफ, फिर भी मौसम विभाग कैसे बता देता है बारिश? जानिए बादलों से पहले कैसे पकड़ ली जाती है बारिश की आहट

नई दिल्ली : कई बार आसमान बिल्कुल साफ दिखाई देता है, तेज धूप पड़ रही होती है और अचानक मौसम…

5 Min Read
Trending Newsफीचर

NDA Power Shift: नीतीश-नायडू का ‘किंगमेकर’ टैग खतरे में? विपक्ष की टूट से बढ़ा PM मोदी का कुनबा, बदल गया दिल्ली का समीकरण!

भारतीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर एनडीए (NDA) के भीतर बदलते पावर बैलेंस को लेकर…

4 Min Read
फीचर

कबूतर ही क्यों बना दुनिया का पहला ‘मैसेंजर’? जानिए वो वैज्ञानिक वजह, जिसके आगे तीतर-मोर भी पड़ गए थे पीछे

नई दिल्ली: आज के दौर में संदेश भेजने के लिए मोबाइल और इंटरनेट सबसे बड़ा माध्यम बन चुके हैं, लेकिन…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?