गुवाहाटी। पूर्वोत्तर की राजनीति में एक नए युग का आगाज करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। गुवाहाटी में आयोजित एक भव्य समारोह में बीजेपी नीत NDA सरकार ने तीसरी बार सत्ता की बागडोर संभाली। इस समारोह ने न केवल बीजेपी की राजनीतिक ताकत दिखाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
मोदी-शाह की मौजूदगी और ‘अमेरिकी’ सरप्राइज
शपथ ग्रहण समारोह किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने पूर्वोत्तर के प्रति केंद्र की गंभीरता को साफ कर दिया।
- विदेशी मेहमान: इस कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) की रही। उनकी उपस्थिति को कूटनीतिक हलकों में असम और पूर्वोत्तर के बढ़ते वैश्विक महत्व के तौर पर देखा जा रहा है।
हिमंत की ‘नई टीम’ में कौन-कौन?
मुख्यमंत्री हिमंत के साथ चार प्रमुख नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, जो असम के विभिन्न समुदायों और गठबंधन के संतुलन को दर्शाते हैं:
- रामेश्वर तेली: चाय बागान समुदाय का बड़ा चेहरा।
- अतुल बोरा: सहयोगी दल AGP के अध्यक्ष।
- चंदन ब्रह्मा (चरण बोरो): बीपीएफ (BPF) का प्रतिनिधित्व।
- अजंता नियोग: असम की राजनीति का प्रमुख महिला चेहरा।
सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान: ‘पूर्वोदय’ का मिशन
समारोह में पहुंचे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस जीत को पीएम मोदी के ‘पूर्वोदय’ विजन की जीत बताया। उन्होंने कहा, “ओडिशा, बिहार, असम, त्रिपुरा और सिक्किम में पीएम मोदी का जो सपना है, वह अब हकीकत में बदल रहा है। बंगाल की जीत के बाद अब पूर्वोत्तर का विकास हमारी प्राथमिकता है।”
परिवार में जश्न: “बेहद आनंदित हैं हम”
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का परिवार काफी भावुक और खुश नजर आया। उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने इसे गौरव का पल बताया, वहीं बेटी सुकन्या सरमा ने कहा कि यह असम की जनता के प्यार और भरोसे की जीत है।