ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों ही देश लगातार एक-दूसरे पर जुबानी हमले कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका के साथ कोई भी समझौता होगा, तो वह सिर्फ उसकी शर्तों पर ही होगा।
दूसरी तरफ, अमेरिका इस तनाव से बाहर आना चाहता है और सीज़फायर को लेकर बार-बार कह रहा है कि वह ईरान के साथ समझौता करना चाहता है। इसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम दौर में है और समझौता हो सकता है।
मध्य पूर्व (Mid-East) में युद्ध की आग बुझने के बजाय और भड़कती नजर आ रही है। ईरान की नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सीधी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि उनके तेल टैंकरों या वाणिज्यिक जहाजों पर कोई भी हमला हुआ, तो इसका जवाब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दुश्मन के जहाजों पर भारी हमले से दिया जाएगा।
प्रमुख घटनाक्रम: टैंकरों पर हमले और बहरीन में गिरफ्तारियां
ईरानी सरकारी टीवी ने यह चेतावनी शनिवार को उस वक्त प्रसारित की, जब अमेरिका ने दो ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिका का दावा है कि ये टैंकर बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
इस बीच, बहरीन सरकार ने रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े होने के आरोप में 41 लोगों को गिरफ्तार किया है। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, ये लोग ईरान के संपर्क में थे और ‘आतंकवादी अभियानों’ के लिए धन जुटा रहे थे।
होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक अर्थव्यवस्था की ‘लाइफलाइन’ पर खतरा
28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करने से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है।
अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, 13 अप्रैल से अब तक 58 जहाजों को वापस भेजा गया है और 4 को निष्क्रिय किया गया है।
ब्रिटेन-फ्रांस की तैयारी: ब्रिटेन अपना युद्धपोत HMS ड्रैगन तैनात कर रहा है, वहीं फ्रांस ने अपना विमानवाहक पोत लाल सागर भेज दिया है ताकि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ट्रंप की धमकी और कूटनीतिक प्रयास
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान परमाणु कार्यक्रम को वापस लेने और होर्मुज को खोलने के समझौते पर राजी नहीं होता है, तो अमेरिका ‘पूर्ण पैमाने पर बमबारी’ शुरू कर देगा। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने किसी भी समयसीमा (Deadline) को मानने से इनकार कर दिया है।
शांति की कोशिशें
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति समझौते के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।
रूस, सऊदी अरब, मिस्र और कतर ने भी कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है।
मोजतबा खामेनेई की सेहत पर अपडेट
युद्ध के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से न दिखने पर अटकलें तेज थीं। हालांकि, शनिवार को ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं। बताया गया कि युद्ध के शुरुआती हमलों में उनके घुटने और पीठ में चोटें आई थीं, लेकिन वे अब ठीक हो चुके हैं और जल्द ही दुनिया के सामने आएंगे।