रांची/नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) भले ही इस समय आईपीएल में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर भी मैदान पर न दिख रहे हों, लेकिन मैदान के बाहर उन्होंने एक बड़ा ‘छक्का’ जड़ा है। ‘कैप्टन कूल’ एक बार फिर झारखंड और बिहार के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता (Highest Individual Taxpayer) बनकर उभरे हैं।
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर भी ‘असली फिनिशर’ हैं। आयकर विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, धोनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 38 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स जमा किया है।
इस भारी-भरकम टैक्स भुगतान के साथ ही माही लगातार झारखंड और बिहार के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता (Highest Individual Taxpayer) बने हुए हैं।
कमाई का ‘हेलीकॉप्टर शॉट’: संन्यास के बाद भी ब्रांड वैल्यू बरकरार
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिए सालों बीत चुके हैं, लेकिन धोनी की कमाई की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 38 करोड़ का टैक्स चुकाने वाले धोनी की सालाना आय ₹130 से ₹150 करोड़ के बीच हो सकती है।
उनकी आय के मुख्य स्रोत
- बिज़नेस साम्राज्य: रांची में विशाल ऑर्गेनिक फार्म हाउस, ‘धोनी स्पोर्ट्सफिट’ जिम चेन और ‘सेवन’ (Se7en) जैसे गारमेंट ब्रांड्स।
- ब्रांड एंडोर्समेंट: दर्जनों बड़ी कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर विज्ञापन से मोटी कमाई।
- IPL: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ उनका जुड़ाव और उससे मिलने वाली फीस।
बड़े औद्योगिक घरानों के बीच एक खिलाड़ी की मिसाल
झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में, जहाँ बड़े खनिज उद्योग और व्यापारिक घराने मौजूद हैं, वहाँ एक खिलाड़ी का सबसे बड़ा टैक्सपेयर होना अपने आप में एक मिसाल है। पिछले साल भी धोनी ने लगभग ₹38 करोड़ ही टैक्स दिया था, जो उनकी आय की स्थिरता और उनकी कुशल बिज़नेस सूझबूझ को दर्शाता है।
धोनी की यह उपलब्धि खेल के साथ-साथ ईमानदारी से टैक्स चुकाने और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि माही ने एक बार फिर दिखाया है कि ‘किंग’ हमेशा किंग ही रहता है।