भारत सरकार ने राष्ट्रीय सम्मान और गौरव को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी वही संवैधानिक दर्जा और कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, जो अब तक केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त थी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
अपमान करने पर कड़ी सजा का प्रावधान
नए कानून के तहत, अब वंदे मातरम् का अपमान करना एक गंभीर अपराध माना जाएगा। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकता है या गीत का अपमान करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है। दूसरी बार फिर से अपराध करने पर सजा को और सख्त बनाया गया है, जिसमें 1 साल की तक की कैद का प्रावधान है।
गायन के लिए नया प्रोटोकॉल जारी
सरकार ने इस गीत को गाने और इसके सम्मान को लेकर कुछ क्लियर गाइडलाइन्स जारी किए हैं:
सावधान की मुद्रा: अब किसी भी आधिकारिक या सार्वजनिक कार्यक्रम में जब वंदे मातरम् गाया या बजाया जाएगा, तो वहां मौजूद सभी व्यक्तियों को ‘सावधान’ (Attention) की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।
समय सीमा: गीत के सभी 6 छंदों को सही तरीके से गाने के लिए 3 मिनट 10 सेकंड का समय निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम की प्राथमिकता: आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार, यदि किसी समारोह में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों का गायन होना है, तो वंदे मातरम् को राष्ट्रगान से पहले गाया जाएगा।
स्कूलों और संस्थानों के लिए निर्देश
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया है कि स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ की जाए। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी में राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत करना है।
कहाँ मिली है छूट?
आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट भी दी गई है जैसे सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने से पहले इसे बजाना अनिवार्य नहीं किया गया है। न्यूज़ ब्रॉडकास्ट, डॉक्यूमेंट्री या फिल्मों के भीतर गीत के इस्तेमाल के दौरान दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी, ताकि उनके कार्य में बाधा न आए।
बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य आधार रहा है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य 150 साल पुराने इस गौरवशाली गीत को वह कानूनी ढाल प्रदान करना है, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह कानून अधिसूचना जारी होते ही पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा।