नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026 – संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद सियासत और तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव और सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने AICC मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और इसे “लोकतंत्र की बड़ी जीत” बताया।
प्रियंका गांधी ने कहा, “कल जो हुआ, वह लोकतंत्र की जीत है। सरकार की साजिश को विपक्ष की एकता ने रोक दिया। वे संघीय ढांचे को बदलना चाहते थे, लेकिन संविधान की जीत हुई।”
सरकार पर सीधा हमला, ‘महिला आरक्षण को टूल बनाया’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में Indian National Congress नेता ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन (delimitation) और पुरानी जनगणना से जोड़कर लाई थी, ताकि ओबीसी अधिकारों को प्रभावित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को सिर्फ एक “टूल” की तरह इस्तेमाल करना चाहती थी।
“अगर बिल पास हो जाता तो सरकार क्रेडिट लेती, और नहीं हुआ तो विपक्ष को महिला विरोधी बताती,” उन्होंने कहा।
प्रियंका ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर इरादा साफ है तो 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाए।
“543 मौजूदा सीटों पर ही 33% आरक्षण दे दीजिए, परिसीमन का इंतजार क्यों?”
कांग्रेस का स्टैंड साफ: ‘महिलाओं को तुरंत अधिकार दो’
Priyanka Gandhi Vadra ने दोहराया कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायतों में 33% आरक्षण की शुरुआत Rajiv Gandhi के दौर में हुई थी।
उन्होंने कहा, “महिलाएं समझदार हैं, अब सिर्फ प्रचार से काम नहीं चलेगा। सरकार को तुरंत अधिकार देने चाहिए, न कि राजनीतिक फायदे के लिए मुद्दे को घुमाना चाहिए।”
प्रियंका ने यह भी कहा कि लोकसभा में विधेयक का गिरना भाजपा के लिए “काला दिन” था, क्योंकि विपक्ष पहली बार इतनी मजबूती से एकजुट नजर आया।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लोकसभा में महिला आरक्षण, परिसीमन और अन्य संबंधित विधेयकों के गिरने के एक दिन बाद हुई। कांग्रेस का साफ दावा है कि सरकार की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति थी, जो इस बार काम नहीं आई।