मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दिल दहला देने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है। सदर बाजार के तेली मोहल्ले में एक टीचर की कंकाल बनी हुई लाश उनके घर में 5 महीने बाद मिली। मृतका की पहचान प्रियंका बिस्वास (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो एक प्राइवेट स्कूल में कंप्यूटर विषय की शिक्षिका थीं और डबल एमए, एमटेक तथा आईटी प्रोफेशनल थीं।
पुलिस और रिश्तेदारों के अनुसार, प्रियंका की मौत लगभग 5 महीने पहले हो गई थी, लेकिन उनके 76 वर्षीय पिता भानु बिस्वास (उर्फ उदय भानु बिस्वास, रिटायर्ड क्लर्क) ने किसी को मौत की सूचना नहीं दी। उन्होंने बेटी का शव घर के एक कमरे में बिस्तर पर रख छोड़ा और पड़ोसियों को शक न हो, इसलिए रोजाना शव पर परफ्यूम स्प्रे करते रहे।
घटना कैसे सामने आई?
शुक्रवार देर शाम जब कुछ रिश्तेदार घर आए, तो उन्हें तेज बदबू महसूस हुई। घर के अंदर कूड़े-कचरे का ढेर लगा हुआ था। कमरे में पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बिस्तर पर प्रियंका का शव पूरी तरह सड़ चुका था और कंकाल में बदल गया था। केवल एक पैर (या पैर का कुछ हिस्सा) ही कुछ हद तक बचा हुआ था।
पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कंकाल बचे शव को बरामद कर लिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में मुख्य सवाल
- प्रियंका की मौत कैसे हुई? (प्राकृतिक या संदिग्ध परिस्थितियों में)
- पिता ने 5 महीने तक शव को घर में क्यों रखा? अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया?
- क्या पिता मानसिक रूप से प्रभावित थे या कोई अन्य वजह थी?
पिता भानु बिस्वास को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि घर की स्थिति बेहद गंदी थी और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
पड़ोसियों और रिश्तेदारों की प्रतिक्रिया
पड़ोसियों ने बताया कि पिता अक्सर कहते थे कि वे देहरादून में रहते हैं और बेटी भी वहीं है। किसी को शक नहीं हुआ। रिश्तेदारों ने कहा कि पिता बेटी से बेहद लगाव रखते थे और शायद उसी मोह के कारण शव को अलग नहीं कर पाए।
यह मामला पूरे मेरठ में सनसनी फैला हुआ है। स्थानीय लोग इसे “प्यार की अजीब मिसाल” और “मानसिक स्वास्थ्य की समस्या” दोनों नजरिए से देख रहे हैं।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मौत का सही कारण पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच और अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।