कैशलेस इकोनॉमी की दौड़ में गूगल पे (Google Pay) ने एक गेम-चेंजिंग फीचर ‘UPI Circle’ लॉन्च किया है। यह फीचर खासतौर पर उन पेरेंट्स के लिए है जो अपने बच्चों को डिजिटल इंडिया से जोड़ना तो चाहते हैं, लेकिन उनके खर्चों को लेकर परेशान रहते हैं। लेकिन इस फीचर से बच्चे अपनी पॉकेट मनी ‘डिजिटल’ अंदाज में खर्च कर सकेंगे, मगर रिमोट कंट्रोल पूरी तरह उनके पेरेंट्स के हाथ में होगा।
डिजिटल पॉकेट मनी
यह फीचर प्राइमरी यूजर को अपने फैमली के मेम्बर को ‘सेकेंडरी यूजर’ के तौर पर जोड़ने की सुविधा देता है। इजी लैंग्वेज में कहें तो, बैंक अकाउंट आपका होगा, लेकिन पेमेंट बच्चा कर पाएगा।
इसमें आपको दो ‘स्मार्ट मोड’ मिलते हैं:
बच्चा जब भी क्यूआर कोड स्कैन करेगा, आपके फोन पर तुरंत एक अलर्ट आएगा। आपकी डिजिटल मंजूरी के बिना ट्रांजैक्शन पूरा नहीं होगा।

आप महीने का एक फिक्स्ड बजट जैसे 1000 रुपए सेट कर सकते हैं। इसके बाद बच्चा उस लिमिट के अंदर बिना बार-बार अनुमति लिए पेमेंट कर सकेगा।
गूगल का ‘ट्रिपल लेयर’ प्रोटेक्शन
गूगल ने इस फीचर को बेहद सेफली बनाया है ताकि इसका मिसयूज़ न हो सके:
लिमिटेड एक्सेस: एक प्राइमरी यूजर मैक्सिमम 5 लोगों को ही अपने सर्कल में शामिल कर सकता है।
केवाईसी वेरिफिकेशन: सुरक्षा की नज़र से सेकेंडरी यूजर की सरकारी आईडी और आपके साथ उनके रिलेशन को वेरिफाई करना जरूरी है।
लाइव डैशबोर्ड: पेरेंट्स अपने ऐप पर रियल-टाइम में देख सकते हैं कि पैसा किस दुकान या सर्विस पर खर्च किया गया है।

2 मिनट में शुरू करें सेवा
इस स्मार्ट फीचर को एक्टिवेट करना बेहद आसान है:
सबसे पहले Google Pay ऐप खोलें, प्रोफाइल आइकॉन पर टैप करें और ‘UPI Circle’ चुनें।
फिर ‘Set up pocket money’ पर क्लिक कर अपने कॉन्टैक्ट्स में से बच्चे या सदस्य का नंबर चुनें।
अपनी सुविधा अनुसार ‘Approve every payment’ या ‘Monthly limit’ का चयन करें।
सेकेंडरी यूजर की आईडी डिटेल्स भरें और अपने UPI PIN के जरिए इनवाइट को ऑथेंटिकेट करें।
मनी मैनेजमेंट की नई क्लास
फाइनेंस टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘UPI Circle’ न केवल ट्रांजैक्शन को आसान बनाएगा, बल्कि बच्चों में कम उम्र से ही ‘फाइनेंशियल डिसिप्लिन’ डेवलप्ड करेगा। एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है की यह फीचर सेफ डिजिटल फ्यूचर की ओर एक बड़ा कदम है, जहाँ सुविधा भी है और सुरक्षा भी।