नई दिल्ली/पटना | बिहार की सियासत में बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे और आगामी 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने की खबरों के बीच राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों का दावा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हो सकता है।
CM की रेस में ये 8 दिग्गज शामिल
सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा हाईकमान कई नामों पर विचार कर रहा है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुख रूप से ये नाम चर्चा में हैं-
- सम्राट चौधरी: (प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान कद्दावर चेहरा)
- विजय कुमार सिन्हा: (अनुभवी नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष)
- नित्यानंद राय: (केंद्रीय गृह राज्य मंत्री)
- संजीव चौरसिया: (युवा और सांगठनिक चेहरा)
- दिलीप जायसवाल: (पार्टी के विश्वसनीय रणनीतिकार)
- जनक राम: (दलित चेहरे के रूप में प्रमुख नाम)
- रमा निषाद: (पिछड़ा वर्ग समीकरण में फिट बैठने वाला नाम)
- विजय सिन्हा: (पार्टी के भीतर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता)
सियासी समीकरण और हलचल
पटना में वाल्मीकि समाज की ओर से सम्राट चौधरी के समर्थन में लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख इन पोस्टरों को तुरंत हटवा दिया गया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बिहार में सत्ता के केंद्र में बड़ा बदलाव होने वाला है।
क्या होगा अगला कदम?
14 अप्रैल की तारीख बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। क्या BJP पहली बार अपने दम पर बिहार की कमान संभालेगी या कोई नया गठबंधन स्वरूप सामने आएगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।