नई दिल्ली। 1980 को अस्तित्व में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है। ‘दो सांसदों’ वाली पार्टी से शुरू हुआ यह सफर आज 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन चुका है। वर्तमान में देश के 21 राज्यों में भाजपा या एनडीए (NDA) की सरकारें हैं, लेकिन जश्न के बीच पार्टी के सामने दक्षिण और पूर्व के कुछ ‘अजेय’ दुर्गों को फतह करने की बड़ी चुनौती भी है।
सत्ता का विशाल साम्राज्य: उत्तर से पूर्वोत्तर तक दबदबा
- भाजपा ने पिछले चार दशकों में भारतीय राजनीति का भूगोल बदल दिया है। वर्तमान में पार्टी का शासन इन प्रमुख क्षेत्रों में है
- गुजरात मॉडल: पिछले 31 सालों से अभेद्य किला। 2022 में 156 सीटें जीतकर पार्टी ने नया इतिहास रचा।
- मध्य प्रदेश: 20 वर्षों का लंबा शासन (15 महीने के अंतराल को छोड़कर)।
- उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हिंदुत्व और विकास के सहारे 2017 से प्रचंड बहुमत।
- हरियाणा: सत्ता परिवर्तन के पुराने ट्रेंड को तोड़कर ‘हैट्रिक’ लगाने का रिकॉर्ड।
वो ‘टारगेट’ जो अब तक अधूरे हैं
- 21 राज्यों में मौजूदगी के बावजूद, भाजपा के लिए कुछ राज्य अब भी राजनीतिक ‘पहेली’ बने हुए हैं:
- बंगाल और केरलम: इन राज्यों में भाजपा ने अपनी ताकत बढ़ाई है, लेकिन सत्ता का स्वाद अब भी दूर है।
- तेलंगाना: दक्षिण में विस्तार के लिए यह राज्य पार्टी की प्राथमिकता में है।
- गठबंधन की निर्भरता: तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भाजपा आज भी क्षेत्रीय दलों के कंधों के सहारे है।
भविष्य की चुनौतियां: 5 राज्यों के चुनाव
- स्थापना दिवस के साथ ही भाजपा पांच राज्यों के चुनावी रण में उतर रही है:
- असम: हैट्रिक बनाने की बड़ी चुनौती।
- बंगाल और केरलम: पहली बार सरकार बनाने के लिए ‘जी-जान’ की कोशिश।
- तमिलनाडु: एआईएडीएमके के साथ मिलकर सत्ता में वापसी का लक्ष्य।