उद्योगपति अनिल अंबानी ने अपनी वित्तीय लेन-देन से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ Arnab Goswami के खिलाफ Bombay High Court में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। याचिका में अनिल अंबानी ने आरोप लगाया है कि रिपब्लिक टीवी पर प्रसारित की गई रिपोर्टों में उनकी वित्तीय गतिविधियों को जिस तरह दिखाया गया, उससे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंची है। उनका कहना है कि चैनल की रिपोर्टिंग तथ्यों से परे जाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है, इसलिए अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
इस मामले में दायर याचिका में ARG Outlier Media Pvt Ltd, जो रिपब्लिक टीवी की मूल कंपनी है, को प्रमुख पक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अर्नब गोस्वामी और कुछ अज्ञात पक्षों को भी प्रतिवादी बनाया गया है, जिन्हें कानूनी भाषा में जॉन डो पार्टीज़ कहा जाता है।

अनिल अंबानी की ओर से अदालत से अंतरिम राहत के तौर पर अस्थायी निषेधाज्ञा यानी टेम्परेरी इंजंक्शन की मांग की गई है। इसके तहत अनुरोध किया गया है कि संबंधित पक्षों को आगे ऐसी सामग्री प्रसारित करने, प्रकाशित करने या साझा करने से रोका जाए, जिससे उनकी साख प्रभावित हो।
मामले की सुनवाई जस्टिस मिलिंद जाधव की अदालत में 1 अप्रैल को होने की संभावना है। इस सुनवाई में अदालत यह तय कर सकती है कि रिपब्लिक टीवी और अन्य प्रतिवादी पक्षों पर अंतरिम रोक लगाई जाए या नहीं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें मीडिया रिपोर्टिंग, सार्वजनिक व्यक्तियों की प्रतिष्ठा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे संवेदनशील कानूनी पहलू जुड़े हुए हैं। अब सभी की नजरें 1 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत शुरुआती स्तर पर महत्वपूर्ण आदेश दे सकती है।