मुंबई। महाराष्ट्र के Nashik शहर में रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी आशोक खरात उर्फ कैप्टन खरात को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
जैसे ही मामला सामने आया, पुलिस ने जांच तेज की और गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने लगे। अब इस मामले में एक दुर्लभ “तुर्की शहद” (Turkish honey) का नाम भी सामने आ रहा है, जिसने जांच को नई दिशा दे दी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी इस शहद को “जादुई” बताकर महिलाओं और अन्य लोगों को महंगे दामों पर बेचता था। बताया जा रहा है कि वह इसे धार्मिक अनुष्ठानों से जोड़कर पेश करता था और इसी बहाने लोगों का विश्वास जीतता था।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस तथाकथित “जादुई शहद” का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था और क्या यह पूरे मामले से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसके जरिए लोगों को भ्रमित या नियंत्रित करने की कोशिश तो नहीं की गई।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।‘एल्विश’ शहद का रहस्य और खरात का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आशोक खरात उर्फ कैप्टन खरात के संपर्क में कई प्रभावशाली लोग भी थे, जिनमें कुछ बड़े नेता और रसूखदार व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं। ये लोग कथित तौर पर यौन स्वास्थ्य और शारीरिक कमजोरी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास पहुंचते थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, खरात अपने क्लाइंट्स को एक खास तरह का “जादुई” और “रहस्यमयी” तुर्की शहद बेचता था, जिसे वह बेहद असरदार बताता था। वह खुद भी इसके सेवन का दावा करता था और कहता था कि इससे उम्र का असर धीमा पड़ जाता है।
यह शहद, जिसे “एल्विश हनी” के नाम से जाना जाता है, दुनिया के सबसे महंगे शहदों में गिना जाता है। तुर्की के आर्टविन क्षेत्र की एक गुफा से इसे लगभग 1,800 मीटर की गहराई से साल में केवल एक बार निकाला जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 9 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है, जबकि खरात इसे अपने ग्राहकों को 15 लाख रुपये प्रति किलो तक बेच रहा था।
पुलिस को क्या शक है?
अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या खरात अपने ग्राहकों को असली “एल्विश” शहद देता था या फिर उसमें मिलावट कर उन्हें ठग रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अंधविश्वास और डर का माहौल बनाकर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था, जिसमें इस महंगे शहद की अहम भूमिका थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉसीक्यूटर शैलेंद्र बागड़े ने अदालत को बताया कि खरात के पास से एक रिवॉल्वर, 21 जिंदा कारतूस और पांच इस्तेमाल किए गए गोले बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इनका इस्तेमाल किसी संदिग्ध अनुष्ठान में किया गया हो सकता है।
फिलहाल अदालत ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे मामले से जुड़े और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।