लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में देश विरोधी गतिविधियों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने 24 मार्च 2026 को जारी प्रेस नोट में बताया कि कौशांबी थाना पुलिस ने इस मामले में 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक कुल 21 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में एक नाबालिग लड़का भी शामिल है, जिसे मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। यह गिरोह गोपनीय सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहा था और देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील स्थानों की जानकारी विदेश भेजी जा रही थी।
14 मार्च को मिली थी पहली सूचना
मामले की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई, जब थाना कौशांबी पुलिस को भोवापुर इलाके में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। बताया गया कि ये युवक रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो बनाकर विदेश भेजते थे और इसके बदले उन्हें पैसे दिए जाते थे।
सूचना के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और 17 मार्च से लगातार कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
SIT गठित कर शुरू हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ता था और उन्हें संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाने के लिए इस्तेमाल करता था।
विदेश भेजी जा रही थी संवेदनशील जानकारी
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों को रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के कैंप और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की फोटो-वीडियो बनाकर विदेश भेजने के निर्देश दिए जाते थे। इसके बदले उन्हें पैसे का लालच दिया जाता था और कुछ को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया था।
दिल्ली और शामली से हुई नई गिरफ्तारियां
24 मार्च को पुलिस ने दिल्ली, शामली और भोवापुर-कौशांबी क्षेत्र से 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच में देश विरोधी गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 को भी जोड़ा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें कई अहम फोटो, वीडियो और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।