नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran-Israel-US conflict के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में करीब 25 मिनट का अहम संबोधन दिया। उन्होंने साफ कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और देश में तेल और गैस की सप्लाई पर असर कम से कम रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और मौजूदा संकट का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। उन्होंने इस हालात को “चिंताजनक” बताया और माना कि इसका असर लंबे समय तक रह सकता है, इसलिए देश को धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ना होगा।
तेल-गैस पर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहीं से देश का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस आता है। ऐसे में युद्ध का असर सप्लाई चेन और ट्रेड रूट्स पर पड़ना तय है।
लेकिन सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए इंपोर्ट सोर्स बढ़ा दिए हैं—अब 27 की जगह 41 देशों से तेल-गैस मंगाया जा रहा है, ताकि किसी तरह की कमी न हो।
जनता से अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि जैसे COVID-19 के दौरान देश ने एकजुट होकर मुश्किलों का सामना किया था, वैसे ही इस बार भी संयम और धैर्य के साथ हालात संभाले जाएंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे समय में कुछ लोग झूठ फैलाकर पैनिक पैदा करने की कोशिश करते हैं। “ऐसे तत्वों को सफल नहीं होने देना है,” पीएम ने कहा।
भारतीयों की सुरक्षा भी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने बताया कि संकट के बीच हजारों भारतीयों—खासकर मेडिकल स्टूडेंट्स—को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। सरकार लगातार सभी सप्लायर देशों के संपर्क में है और वैकल्पिक रास्तों से सप्लाई बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
सरकार के बड़े कदम
सरकार ने हालात को देखते हुए कई जरूरी कदम उठाए हैं:
- कमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाई गई
- PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) को तेजी से बढ़ावा
- ब्लैक मार्केटिंग और पैनिक बुकिंग पर सख्ती
- वैकल्पिक ट्रेड रूट्स से सप्लाई सुनिश्चित
दरअसल, Iran पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद हालात बिगड़े और फिर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच गई। कच्चे तेल की कीमतें $112 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग बेवजह डर फैला रहे हैं, जबकि सरकार पूरी तरह स्थिति संभाल रही है और जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
कुल मिलाकर, सरकार का संदेश साफ है—हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन कंट्रोल में हैं। जरूरत है सिर्फ धैर्य, सतर्कता और सही जानकारी पर भरोसा रखने की।