नई दिल्ली : एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) की आपूर्ति में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों से सरकारी विभागों, कार्यालयों की कैंटीन और पैंट्री में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की संभावित मांग का आकलन करने को कहा है। साथ ही, PNG के विस्तार को तेज करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने सरकारी प्रतिष्ठानों, रिहायशी कॉलोनियों और कैंटीनों को जहां PNG उपलब्ध हो, वहां स्विच करने की अपील की है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को नेटवर्क विस्तार में समर्थन दिया जा रहा है, और उन्हें कमर्शियल प्रतिष्ठानों जैसे रेस्तरां, होटल और कैंटीन में PNG कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
एलपीजी संकट का कारण और प्रभाव पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष (मुख्य रूप से ईरान-अमेरिका-इजराइल टेंशन) और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण भारत की एलपीजी आयात प्रभावित हुई है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात करता है, जो मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट से आता है। इससे कमर्शियल एलपीजी की भारी कमी हो गई है – होटल, रेस्तरां, ढाबे, इंडस्ट्रियल कैंटीन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई शहरों में ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग की शिकायतें आई हैं, जबकि कुछ जगहों पर रेस्तरां ने मेन्यू से कुछ डिशेज हटा दी हैं या ऑपरेशन सीमित कर दिए हैं।
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है, लेकिन कमर्शियल सेक्टर में आपूर्ति सीमित है। हाल के दिनों में उत्पादन बढ़ाया गया है – मार्च के पहले हफ्ते में 25-40% तक बढ़ोतरी हुई, लेकिन डिमांड स्पाइक (पैनिक बुकिंग) के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
PNG को बढ़ावा देने के कदम
- सभी केंद्रीय मंत्रालयों से PNG डिमांड का व्यापक आकलन करने को कहा गया।
- CGD कंपनियों (जैसे IGL, MGL, GAIL Gas आदि) को कमर्शियल कनेक्शन तेज करने का निर्देश।
- राज्यों को PNG रोलआउट तेज करने पर अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी आवंटन (अब कुल 50% तक) का ऑफर – जैसे डीम्ड परमिशन, 24 घंटे में अप्रूवल, रोड कटिंग चार्जेस माफ आदि।
- PNG जहां उपलब्ध है, वहां सरकारी कार्यालयों/कॉलोनियों/कैंटीनों को स्विच करने की सलाह।
- घरेलू उपभोक्ताओं को भी PNG अपनाने की अपील, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो।
यह कदम लंबे समय में आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम करने और क्लीनर एनर्जी (PNG) को बढ़ावा देने का हिस्सा है। PNG घरों और बिजनेस में पाइपलाइन से सीधे सप्लाई होती है, जो सुरक्षित और सुविधाजनक है। वर्तमान में भारत में करीब 1.59 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं, जबकि एलपीजी कनेक्शन 33 करोड़ से ज्यादा हैं।
सरकार का संदेश पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि PNG सप्लाई अबाधित है, और जहां नेटवर्क है, वहां एलपीजी यूजर्स को PNG शिफ्ट करना चाहिए। पैनिक बुकिंग न करें, ऑनलाइन बुकिंग करें और होर्डिंग से बचें। राज्यों से ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती और सिक्योरिटी बढ़ाने को कहा गया है।
यह रिपोर्ट Times of India, The Tribune, ANI, Economic Times, PIB और अन्य विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है (23 मार्च 2026 तक की लेटेस्ट अपडेट्स)। स्थिति बदल सकती है – सरकारी एडवाइजरी और लोकल CGD कंपनियों से संपर्क करें। कोई निवेश या निर्णय सलाह नहीं।