मध्य पूर्व में Iran और Israel के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालिया घटनाक्रम ने क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।
डिमोना और आराद पर मिसाइल हमले
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के डिमोना और आराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। इन हमलों के बाद कई इलाकों में नुकसान और अफरा-तफरी की स्थिति देखने को मिली।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। डिमोना क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिला है।
परमाणु ठिकानों को लेकर बढ़ी चिंता
डिमोना क्षेत्र इजरायल के संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठानों के लिए जाना जाता है। ऐसे में इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। इस हमले को लेकर ईरान की ओर से बड़े दावे किए जा रहे हैं, हालांकि इजरायल ने कई संवेदनशील पहलुओं पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। परमाणु वैज्ञानिकों के हताहत होने संबंधी खबरों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें हमले के असर को दिखाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन वीडियोज़ की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इजरायल का बयान: ‘बहुत कठिन शाम’
इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इसे “बहुत कठिन शाम” बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार राहत और बचाव कार्यों को और मजबूत कर रही है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
ईरान-इजरायल तनाव: डिमोना में ‘आग का गोला’ दिखने का दावा, परमाणु ठिकानों को लेकर बढ़ी चिंता
Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक वायरल वीडियो ने चिंता और बढ़ा दी है। वीडियो में आसमान से आग का गोला गिरता हुआ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
एयर डिफेंस सिस्टम पर सवाल
Israel Defense Forces (IDF) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफ्फी डेफ्रीन ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय थे, लेकिन कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दल मौके पर तैनात हैं और घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।
‘लिटिल इंडिया’ के नाम से जाना जाता है डिमोना
डिमोना शहर को ‘लिटिल इंडिया’ भी कहा जाता है, क्योंकि यहां भारतीय मूल के यहूदियों की बड़ी आबादी रहती है। खासकर महाराष्ट्र से आए करीब 7,500 लोग यहां बसे हुए हैं, जो शहर की कुल आबादी का बड़ा हिस्सा माने जाते हैं।
यहां भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है—दुकानों में मराठी भाषा सुनाई देती है और ‘सोनपापड़ी’, ‘गुलाब जामुन’, ‘भेलपुरी’ और ‘पापड़ी चाट’ जैसे भारतीय व्यंजन लोकप्रिय हैं। साथ ही क्रिकेट भी युवाओं के बीच काफी पसंद किया जाता है।
IAEA ने क्या कहा?
परमाणु ठिकानों को लेकर बढ़ी चिंता के बीच International Atomic Energy Agency (IAEA) ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
एजेंसी के अनुसार, डिमोना स्थित परमाणु केंद्र को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है और न ही क्षेत्र में असामान्य विकिरण स्तर पाया गया है।
IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने सभी पक्षों से अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु स्थलों के आसपास सैन्य कार्रवाई गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
नतांज परमाणु केंद्र पर भी हमला
इससे पहले Natanz Nuclear Facility पर भी हमले की खबरें सामने आई थीं। ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, इस घटना के बाद किसी तरह का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ।
नतांज, तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित ईरान का प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जो पहले भी हमलों का निशाना बन चुका है।
क्या बढ़ेगा संघर्ष?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक जानकारी सीमित है, जिससे स्थिति की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।