AI और चीन से मंगाए खास कागज से छप रहे थे असली जैसे नोट, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने किया बड़ा खुलासा
अहमदाबाद | 20 मार्च, 2026
अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमराईवाड़ी क्षेत्र में एक अंतरराज्यीय नकली करेंसी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। 18 मार्च 2026 की रात को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹2.38 करोड़ मूल्य के नकली 500 रुपये के नोट बरामद किए हैं। इस पूरे रैकेट का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसका ‘आध्यात्मिक कनेक्शन’ है। पुलिस ने प्रदीप जोतांगिया, जिन्हें ‘प्रदीप गुरुजी’ के नाम से जाना जाता है, को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ आश्रम की आड़ में इस अवैध ऑपरेशन का मुख्य संचालक था।
आध्यात्मिक गतिविधियों की आड़ में ‘आर्थिक आतंकवाद‘
जांच में सामने आया है कि प्रदीप गुरुजी ने अपने आश्रम को जाली नोट छापने के सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया।
- मास्टरमाइंड का नेटवर्क: पुलिस के अनुसार, प्रदीप गुरुजी ही इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य आरोपी है, जिसने आध्यात्मिक गुरु की छवि का लाभ उठाकर पुलिस की नजरों से बचते हुए करोड़ों के नकली नोट बाजार में उतारे।
- VVVIP स्टिकर का खेल: सप्लाई के लिए आश्रम की उन गाड़ियों का उपयोग किया जाता था जिन पर आध्यात्मिक और VVVIP स्टिकर लगे होते थे, ताकि टोल नाकों और पुलिस चेकिंग के दौरान किसी को कोई शक न हो।
AI और चीनी तकनीक का हाई-टेक संगम
सूरत के कामरेज स्थित आश्रम और सरथाना के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस को आधुनिक उपकरण मिले:
- AI और सॉफ्टवेयर: गिरोह ने ChatGPT और फोटो एडिटिंग टूल्स का उपयोग कर नोटों का लेआउट और सुरक्षा फीचर्स (जैसे वॉटरमार्क और माइक्रोटैक्स्ट) बिल्कुल असली जैसे तैयार किए थे।
- चीनी सुरक्षा धागा: नोटों के लिए विशेष ‘सिक्योरिटी थ्रेड’ चीन से ऑनलाइन मंगाया गया था, जिस पर ‘RBI’ और ‘भारत’ अंकित था।
7 आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी बरामदगी
अमराईवाड़ी में एक सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर (GJ-05-RS-5252) को रोककर शुरू हुई इस जांच में अब तक 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं:
- प्रदीप जोतांगिया (प्रदीप गुरुजी) – मुख्य संचालक और आश्रम प्रमुख।
- मुकेशभाई ठुम्मर – सिंडिकेट का रणनीतिकार।
- अशोक मावानी, रमेश भालर, दिव्येश राणा, भरत काकड़िया और एक महिला।
पुलिस ने मौके से नोट काटने की मशीन, प्रिंटर, लैपटॉप, करेंसी काउंटिंग मशीन और ₹1.20 लाख नकद भी जब्त किए हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया: अंतरराष्ट्रीय लिंक की तलाश
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजित राजियान ने कहा, “प्रदीप गुरुजी ने आस्था का इस्तेमाल अपराध को छिपाने के लिए किया। यह आर्थिक आतंकवाद का एक गंभीर मामला है। जाली नोटों की गुणवत्ता इतनी बेहतर है कि आम आदमी धोखा खा सकता है। हम अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ट्रेल और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रहे हैं।”