अगर आप भी PF के पैसे निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और हफ़्तों इंतज़ार करने से परेशान थे, तो आपके लिए ‘अच्छे दिन’ आ गए हैं। सरकार EPFO 3.0 के साथ PF को पुराने जमाने की फाइलों से निकाल कर आपके स्मार्टफोन में ला रही है। अब आपका रिटायरमेंट फंड किसी सुपर-ऐप की तरह काम करेगा।
यहाँ हैं वो 5 बड़े अपडेट्स जो गेम-चेंजर साबित हो सकते है:
1- PF निकलना अब ‘UPI’ जितनी आसान!
भूल जाइए लंबे फॉर्म्स, मार्च 2026 तक EPFO को बैंकिंग सिस्टम से पूरी तरह सिंक कर दिया जाएगा। एक डेडिकेटेड ऐप के जरिए आप ATM या UPI का इस्तेमाल करके इमरजेंसी में अपना पीएफ बैलेंस निकाल सकेंगे। यानी अब आपका पीएफ आपके सेकेंडरी बैंक अकाउंट की तरह काम करेगा।
2- 5 लाख तक का ‘सुपरफास्ट’ ऑटो-सेटलमेंट
सरकार ने ऑटो-मोड की लिमिट 1 लाख से बढ़ाकर सीधा 5 लाख रुपये कर दी है। बीमारी हो, शादी हो या पढ़ाई—बिना किसी बाबू की परमिशन के, आपका क्लेम मात्र 3 दिन में अप्रूव होकर खाते में आ जाएगा।
3- पीएफ खुद-ब-खुद होगा ‘पोर्ट’
बार-बार नौकरी बदलने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है, अब पुराने पीएफ को नए अकाउंट में भेजने के लिए किसी फॉर्म या पुरानी कंपनी की जी-हजूरी नहीं करनी होगी। नया UAN सिस्टम इसे ऑटो-पायलट मोड पर रखेगा। आप बस जॉइनिंग लेटर साइन करें, पीएफ अपने आप आ जाएगा।
4- पेंशनर्स के लिए ‘वन नेशन, वन पेंशन’ का फार्मूला
अब पेंशन किसी एक बैंक ब्रांच की मोहताज नहीं रहेगी। CPPS (सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम) के आने से देश के 70 लाख बुजुर्ग अब किसी भी शहर की किसी भी बैंक ब्रांच से अपनी पेंशन उठा सकेंगे। सरकार का कहना है की अगर आपका शहर बदल गया तो भी कोई बात नहीं, पेंशन नहीं रुकेगा।
5- घर और पढ़ाई के लिए ‘शॉर्टकट’ नियम
पुराने नियम अब नही होंगे इस्तेमाल। अब केवल 1 साल की नौकरी के बाद ही आप घर बनाने या खरीदने के लिए पीएफ से पैसे निकाल सकते हैं। यही नहीं, बच्चों की पढ़ाई के लिए पूरी सर्विस के दौरान 10 बार तक कई बार पैसा निकालने की छूट भी दे दी गई है।
EPFO 3.0 ने पीएफ को सरकारी फाइलों से निकाल कर आपकी स्मार्टफोन में डाल दिया है। सरकार का कहना है की अब पीएफ का पैसा सिर्फ बुढ़ापे का सहारा नहीं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर आपका सबसे भरोसेमंद साथी भी है।