कहते हैं जोड़ियां ऊपर स्वर्ग में तय होती हैं, लेकिन कानपुर के रावतपुर में जो हुआ, उसे देखकर लगता है कि कुछ शादियाँ सिर्फ ‘बैंक बैलेंस’ और ‘धोखे’ की बुनियाद पर टिकी होती हैं। एक तरफ पिता ने अपनी बेटी की खुशियों के लिए 38 लाख रुपये पानी की तरह बहा दिए, और दूसरी तरफ ससुराल वालों ने एक ऐसा ‘सीक्रेट’ छिपाया जिसने एक झटके में लड़की के सारे अरमानों का कत्ल कर दिया।
सपनों की शादी या 38 लाख का ‘सेट-अप’?
इस कहानी की शुरुआत किसी बॉलीवुड फिल्म की तरह हुई। धूमधाम से शहनाइयां बजीं, कानपुर के पॉश होटल में दावत हुई, और लड़की के पिता ने अपनी पूरी ज़िंदगी की कमाई—करीब 38 लाख रुपये इस उम्मीद में लगा दी कि उनकी बेटी एक खुशहाल घर की रानी बनेगी। महंगे गहने, शानदार इंतजाम और चेहरे पर मुस्कान लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि ये मुस्कान बस कुछ घंटों की मेहमान है।
सुहागरात का वो ‘अजीब’ सन्नाटा
असली ड्रामा शुरू हुआ विदाई के बाद। पीड़िता का आरोप है कि सुहागरात पर जहां नई शुरुआत की उम्मीद थी, वहां पति का व्यवहार बेहद अजीब था। पति ने न केवल शारीरिक संबंध बनाने से दूरी बनाई, बल्कि हर बार कोई न कोई ‘बहाना’ बनाकर पल्ला झाड़ लिया।
शादी के कई दिनों बाद तक जब यह सिलसिला जारी रहा, तो पत्नी का शक गहरा गया। जब उसने सख्ती से सच जानना चाहा, तो पति का जो ‘राज’ सामने आया, उसने पैरों तले ज़मीन खिसका दी। पति ने कबूल किया कि वह शारीरिक रूप से अक्षम (Impotent) है। यानी, जिस रिश्ते की बुनियाद पर शादी हुई, वही सिरा गायब था!
“इलाज कराना है तो 5 लाख और लाओ!”
धोखा यहीं खत्म नहीं हुआ। जब पीड़िता ने इस झूठ के खिलाफ अपने ससुर और पति के ताऊ से बात की, तो उम्मीद थी कि वे माफी मांगेंगे। लेकिन यहाँ तो कहानी में ‘विलेन’ की एंट्री हो गई। मदद करने के बजाय, ससुराल वालों ने नया दांव खेल दिया। उन्होंने साफ कह दिया “अगर पति का इलाज कराना है, तो मायके से 5 लाख रुपये और मंगवाओ।” हैरानी की बात ये है कि जिस परिवार ने पहले ही 38 लाख डकार लिए थे, उनकी भूख अभी भी शांत नहीं हुई थी। मना करने पर पीड़िता को टॉर्चर किया गया और मुंह बंद रखने की धमकी दी गई।
पुलिस का एक्शन
अब ये मामला रावतपुर थाने की फाइलों में पहुँच चुका है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए IPC (अब भारतीय न्याय संहिता) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य कड़े प्रावधानों के तहत पति, ससुर और ताऊ के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है।