देशभर में अदालतों को एक के बाद एक बम धमकी वाले ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया है। गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में एहतियातन कोर्ट परिसरों को खाली कराया गया, सुनवाई रोकी गई और बम निरोधक दस्तों ने सघन तलाशी अभियान चलाया। राहत की बात यह रही कि सभी जगह जांच के बाद धमकियां फर्जी यानी होक्स निकलीं, लेकिन पुलिस और साइबर एजेंसियां इसे गंभीरता से लेते हुए बड़े स्तर पर जांच कर रही हैं।
कई राज्यों की अदालतें बनीं निशाना
सबसे ताजा मामला गुजरात का है, जहां अहमदाबाद, वडोदरा, वलसाड, राजकोट, गांधीनगर और मेहसाना की छह अदालतों को धमकी भरे ईमेल मिले। ईमेल में कोर्ट परिसरों में विस्फोटक रखे जाने का दावा किया गया था, जिसके बाद तुरंत परिसर खाली कराए गए और बम स्क्वॉड ने तलाशी ली। कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलने पर अलर्ट को फर्जी घोषित कर दिया गया।
कर्नाटक में भी 16 फरवरी को कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच सहित कई जिला अदालतों को धमकी भरे ईमेल मिले, जिससे कोर्ट की कार्यवाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। पुलिस और डॉग स्क्वॉड ने घंटों तलाशी ली, लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद और अयोध्या समेत 18 जिलों की अदालतों को भी इसी तरह के ईमेल मिले। यहां भी सुरक्षा बढ़ाई गई और पूरे परिसर की जांच की गई, लेकिन मामला फर्जी निकला।
साइबर जांच तेज, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
राजस्थान में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच को भी फिर से धमकी मिली, जिसके बाद अदालत परिसर खाली कराया गया और तलाशी अभियान चलाया गया। हाल के महीनों में इस तरह की घटनाएं कई बार सामने आ चुकी हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटनाएं किसी संगठित शरारती नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं, जिसका मकसद सार्वजनिक संस्थानों में दहशत फैलाना हो सकता है। साइबर सेल ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटी है और पूरे देश में निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।