नई दिल्ली : सोने और चांदी की कीमतों में आज लगातार तीसरे सत्र में तेज गिरावट देखने को मिली है। यूनियन बजट 2026 के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने बहुमूल्य धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स करीब 3 प्रतिशत टूट गए और 1,38,888रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं चांदी में गिरावट और ज्यादा तेज रही। मार्च डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर लगभग 9 प्रतिशत फिसलकर 2,34,000 रुपये प्रति किलो तक आ गया है।
यह गिरावट पिछले हफ्ते आई जबरदस्त तेजी के बाद देखने को मिल रही है, जब सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली थी। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो स्पॉट गोल्ड 3.6 प्रतिशत गिरकर 4,686.51 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, जबकि स्पॉट सिल्वर में 6.7 प्रतिशत की कमजोरी के साथ भाव 78.96 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गए। शुक्रवार को तो गोल्ड में 1983 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की गई थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया रैली के बाद निवेशकों ने भारी मुनाफा बुक किया है और लॉन्ग पोजीशंस से बाहर निकले हैं। अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी सोने के लिए नकारात्मक साबित हो रही है, वहीं मेटल फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ने से जबरन बिकवाली का दबाव और बढ़ा। भू-राजनीतिक तनावों में कमी और बजट के बाद आयात शुल्क को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी बाजार को सतर्क कर दिया है।
शहरों में सोने के दाम भी नरम पड़े हैं। दिल्ली में 22 कैरेट सोना करीब 1,17,872 रुपये प्रति 8 ग्राम के आसपास है, मुंबई और हैदराबाद में यह 1,17,752 रुपये पर चल रहा है, जबकि चेन्नई में भाव लगभग 1,19,200 रुपये बताए जा रहे हैं।
आगे के आउटलुक पर नजर डालें तो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। गोल्ड में अपेक्षाकृत स्थिरता दिख सकती है, लेकिन सिल्वर में तेज झटके संभव हैं। लंबी अवधि में कुछ जानकार अब भी बुलिश हैं, मगर फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।