कीवियों के खिलाफ एक बार फिर अभिषेक शर्मा का बल्ला रनों की बारिश करता नजर आया। तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ मात्र 20 गेंदों में 68 रन की विस्फोटक पारी खेली और भारत को 10 ओवर में ही 154 रन का लक्ष्य हासिल कराते हुए टीम इंडिया को शानदार जीत दिलाई।
भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर रिकॉर्ड टूटने की दहलीज़ तक पहुंच गया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने ऐसी तूफानी बल्लेबाज़ी की कि युवराज सिंह का 18 साल पुराना महारिकॉर्ड हिलता नजर आया। हालांकि अभिषेक 14 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रचने से महज़ दो गेंद दूर रह गए और युवराज का 12 गेंदों वाला रिकॉर्ड फिलहाल कायम रह गया।
बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में अभिषेक शर्मा ने चौके-छक्कों की झड़ी लगाते हुए 340 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की और मैदान के चारों ओर आक्रामक शॉट खेले। इस पारी के साथ उन्होंने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
गौरतलब है कि इस मामले में युवराज सिंह अब भी नंबर-1 पर हैं, जिन्होंने वर्ष 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रचा था।
मैच के बाद अभिषेक शर्मा ने युवराज सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड नामुमकिन सा लगता है, लेकिन किसी भी दिन कोई भी बल्लेबाज़ इसे ध्वस्त कर सकता है।
अभिषेक के तूफान में 60 गेंदों में ढेर हुई कीवी टीम, भारत की शानदार जीत
मैच में भारत ने महज 60 गेंदों में जीत दर्ज कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने 9 विकेट पर 153 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव के बीच 40 गेंदों में 102 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत सिर्फ 10 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।
अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों में 5 छक्कों और 7 चौकों की मदद से नाबाद 68 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि सूर्यकुमार यादव ने 26 गेंदों में 9 बाउंड्री के साथ नाबाद 57 रन बनाए।
इस पारी के साथ अभिषेक शर्मा भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए।
मैच के बाद अपनी पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक शर्मा ने कहा,
“टीम मुझसे यही उम्मीद करती है और मैं हर बार वही करने की कोशिश करता हूं। हालांकि यह हर बार आसान नहीं होता, लेकिन मुझे लगता है कि यह काफी हद तक मानसिक तैयारी और ड्रेसिंग रूम के माहौल पर निर्भर करता है।”
पहली गेंद पर छक्का मारने को लेकर उन्होंने कहा,
“मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं पहली ही गेंद से छक्का मारने की योजना बनाता हूं। यह मेरी सहज प्रवृत्ति है। मैं यह सोचता हूं कि गेंदबाज पहली गेंद पर मुझे आउट करने के लिए किस तरह की गेंद डाल सकता है और मैं उसी हिसाब से खेलने की कोशिश करता हूं।”
अपने फुटवर्क और शॉट चयन पर अभिषेक ने कहा,
“अगर आप ध्यान दें तो यह काफी हद तक फील्ड प्लेसमेंट पर निर्भर करता है। अगर लेग साइड पर फील्डर नहीं होता तो मैं उस दिशा में आगे नहीं बढ़ता। जब मुझे थोड़ा-सा स्पेस मिलता है, तो ऑफ साइड में मेरे पास पूरा मैदान होता है। मैं हमेशा फील्ड के हिसाब से ही खेलने की कोशिश करता हूं।”
लेकिन अभिषेक शर्मा की यह पारी साफ संकेत दे गई है कि युवराज सिंह का यह रिकॉर्ड अब अजेय नहीं रहा। मौजूदा दौर के निडर और आक्रामक बल्लेबाज़ जिस अंदाज़ में टी20 क्रिकेट खेल रहे हैं, उसे देखते हुए सवाल अब यह नहीं कि रिकॉर्ड टूटेगा या नहीं, बल्कि यह है-कब?