भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर टीम इंडिया तैयार नज़र आ रही है। हालांकि, तिलक वर्मा की फिटनेस को लेकर अभी संशय बना हुआ है। ऐसे में उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा, इस पर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।
इसी बीच टीम इंडिया की मजबूती का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरे हैं उत्तर प्रदेश के रिंकू सिंह।
रिंकू सिंह को इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज़ से बाहर रखा गया था, जिस पर क्रिकेट फैंस हैरान थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने जल्द ही अपनी गलती सुधारी और उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ के लिए टीम में शामिल किया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में रिंकू ने सिर्फ 20 गेंदों में 44 रनों की तूफानी पारी खेलकर एक बार फिर साबित कर दिया कि वे इस फॉर्मेट में कितने खतरनाक बल्लेबाज़ हैं। बेंच पर शांत रहने वाला यह खिलाड़ी मैदान में उतरते ही विस्फोटक फिनिशर में बदल जाता है।
पावर-हिटिंग, दबाव में संयम और डेथ ओवर्स में मैच फिनिश करने की काबिलियत ने रिंकू को खास बना दिया है। यही वजह है कि चयनकर्ता अब उन्हें आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ‘सीक्रेट वेपन’ मान रहे हैं।
सितंबर में एशिया कप के दौरान एकमात्र गेंद पर चौका लगाकर भारत को जीत दिलाने के बावजूद, रिंकू सिंह को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज़ में ज़्यादातर समय बेंच पर बैठना पड़ा। जिस एकमात्र मैच में उन्हें मौका मिला, उसमें बल्लेबाज़ी का अवसर तक नहीं मिला।
लेकिन नागपुर में रिंकू ने सबको चौंका दिया। उन्होंने 20 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाकर भारत को 7 विकेट पर 238 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। डेरिल मिचेल के ओवर में लगाए गए दो छक्के और एक चौका उस पारी का टर्निंग पॉइंट साबित हुए।
टीम इंडिया में जगह बनाना रिंकू के लिए कभी आसान नहीं रहा। शुभमन गिल की मौजूदगी के चलते प्लेइंग इलेवन में उनके लिए जगह सीमित थी। अब गिल की गैरमौजूदगी ने रिंकू के लिए दरवाज़ा खोल दिया है। इससे टीम प्रबंधन संजू सैमसन को सलामी बल्लेबाज़ के रूप में ज़्यादा मौके दे सकता है, जबकि निचले क्रम में हार्दिक पंड्या और रिंकू सिंह जैसे भरोसेमंद फिनिशर मौजूद रहेंगे।
रिंकू की सबसे बड़ी ताकत है तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ पहली ही गेंद से लय पकड़ लेना। पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,
“हार्दिक पंड्या एक शानदार फिनिशर हैं, लेकिन आख़िरी ओवरों में एक और भरोसेमंद बल्लेबाज़ की ज़रूरत होती है। रिंकू सिंह से बेहतर यह काम कौन कर सकता है?”
रिंकू सिंह के 19वें और 20वें ओवर के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 36 टी20 मैचों में उन्होंने इन दो ओवरों में 74 गेंदों पर 213 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 287.83 रहा और उन्होंने 22 छक्के जड़े। उनके करियर के 35 प्रतिशत से ज़्यादा रन पारी के अंतिम दो ओवरों में आए हैं।
रिंकू ने 2023 में भारत के लिए टी20 डेब्यू किया था। अब तक 35 अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबलों में उन्होंने 550 रन बनाए हैं। उनका औसत 42 और स्ट्राइक रेट 161.76 रहा है। इस दौरान उन्होंने 3 अर्धशतक, 46 चौके और 31 छक्के लगाए हैं।
इसके बावजूद रिंकू सिंह अभी टीम इंडिया में अपनी जगह पूरी तरह पक्की नहीं कर पाए हैं।
अगर उनके ओवरऑल टी20 करियर पर नज़र डालें तो रिंकू ने 172 मैचों में 3309 रन बनाए हैं। उनका औसत करीब 34 और स्ट्राइक रेट 148 है, जो उनकी निरंतरता और फिनिशिंग क्षमता को साफ दिखाता है।