Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: डीके शिवकुमार की क्रिप्टिक पोस्ट और सीएम कुर्सी को लेकर तेज होती अटकलें, नेतृत्व संकट में फंसी कांग्रेस हाईकमान
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > डीके शिवकुमार की क्रिप्टिक पोस्ट और सीएम कुर्सी को लेकर तेज होती अटकलें, नेतृत्व संकट में फंसी कांग्रेस हाईकमान
Trending Newsसियासी

डीके शिवकुमार की क्रिप्टिक पोस्ट और सीएम कुर्सी को लेकर तेज होती अटकलें, नेतृत्व संकट में फंसी कांग्रेस हाईकमान

Gopal Singh
Last updated: January 14, 2026 12:19 pm
Gopal Singh
Share
डीके शिवकुमार सीएम अटकलें, कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व संकट
डीके शिवकुमार सीएम अटकलें, कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व संकट
SHARE

कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार तो बन गई, लेकिन तभी से मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सस्पेंस भी बना हुआ है। चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम बनने की रेस किसी से छिपी नहीं थी। तब कांग्रेस हाईकमान ने हालात संभालने के लिए एक अनौपचारिक लेकिन चर्चित पावर-शेयरिंग फॉर्मूला अपनाया। कहा गया कि पहले 2.5 साल सिद्धारमैया मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद बारी डीके शिवकुमार की होगी। इस फॉर्मूले को कागज पर भले न लिखा गया हो, लेकिन पार्टी के अंदर इसे लगभग सभी ने सच मान लिया।

Contents
ढाई साल पूरे और फिर तेज हुई राजनीतिराहुल गांधी की मुलाकात और खड़गे का इशाराजाति, सत्ता और रणनीति का पूरा गणितआगे क्या?

सिद्धारमैया को अहिंदा यानी अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित समुदायों का बड़ा चेहरा माना जाता है, जबकि वोकालिगा समुदाय से आने वाले डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। उस वक्त लगा कि कांग्रेस ने बैलेंस बना लिया है, लेकिन राजनीति में बैलेंस कब तक टिकता है, यह अब साफ दिख रहा है।

ढाई साल पूरे और फिर तेज हुई राजनीति

20 नवंबर 2025 को सरकार के 2.5 साल पूरे होते ही वह फॉर्मूला फिर चर्चा में आ गया। सवाल उठने लगा कि क्या सिद्धारमैया अब कुर्सी छोड़ेंगे या नहीं। शिवकुमार समर्थकों ने पूजा-पाठ, बयानबाजी और सोशल मीडिया के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। वहीं, सिद्धारमैया खेमे ने इसे मीडिया की बनाई हुई कहानी बता दिया। इस खींचतान के बीच कांग्रेस की एकता पर सवाल उठने लगे, खासकर इसलिए क्योंकि पार्टी पहले ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अंदरूनी कलह का नुकसान झेल चुकी है।

राहुल गांधी की मुलाकात और खड़गे का इशारा

इस सियासी ड्रामे का नया अध्याय 13 जनवरी 2026 को मैसूरु एयरपोर्ट पर देखने को मिला, जब राहुल गांधी ने सिद्धारमैया और शिवकुमार से अलग-अलग और फिर साथ में मुलाकात की। मुलाकात भले कुछ मिनटों की रही हो, लेकिन संदेश बड़ा था। अंदरखाने की बातों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने बजट और कैबिनेट फेरबदल पर चर्चा की, जबकि शिवकुमार ने ढाई साल वाला फॉर्मूला याद दिलाया।

हालांकि, सिद्धारमैया ने किसी भी राजनीतिक बातचीत से इनकार करते हुए कहा कि यह सब मीडिया की अटकलें हैं और अंतिम फैसला हाईकमान का होगा। इससे एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान भी आया कि जरूरत पड़ी तो दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया जाएगा। इस बयान ने साफ कर दिया कि हाईकमान मामले पर नजर तो रखे हुए है, लेकिन अभी कोई बड़ा फैसला लेने के मूड में नहीं है।

इसी बीच डीके शिवकुमार का 14 जनवरी का सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें उन्होंने ‘प्रार्थना’ का जिक्र किया, आग में घी डालने जैसा साबित हुआ। समर्थकों ने इसे सीएम बनने की उम्मीद से जोड़ दिया, जबकि भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह का सबूत बता दिया।

जाति, सत्ता और रणनीति का पूरा गणित

कर्नाटक की राजनीति में जातीय समीकरण बहुत अहम हैं। सिद्धारमैया अहिंदा वोट बैंक के मजबूत स्तंभ हैं, जिसने कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाया। वहीं, शिवकुमार वोकालिगा समुदाय का बड़ा चेहरा हैं, जो दक्षिण कर्नाटक में निर्णायक भूमिका निभाता है। अगर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो अहिंदा वर्ग नाराज हो सकता है। अगर सिद्धारमैया बने रहते हैं, तो वोकालिगा वोट भाजपा की ओर खिसकने का खतरा है। भाजपा पहले से ही ‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चा को हवा दे रही है।

यह पूरा विवाद कांग्रेस की एक पुरानी कमजोरी भी दिखाता है—हाईकमान पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता। राहुल गांधी भले ही फायरफाइटर की भूमिका निभा रहे हों, लेकिन फैसले में देरी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल छोटे-छोटे वीडियो और इशारे, जैसे मिठाई न लेना, यह दिखाने के लिए काफी हैं कि सब कुछ सामान्य नहीं है।

आगे क्या?

अब चार संभावनाएं सामने आती हैं—सिद्धारमैया पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहें, शिवकुमार को सीएम बनाया जाए, किसी नए राजनीतिक समीकरण से भाजपा-जेडीएस की एंट्री हो, या फिर कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर। फैसला जो भी हो, गेंद पूरी तरह हाईकमान के पाले में है।

कुल मिलाकर, कर्नाटक कांग्रेस इस वक्त एक बड़े इम्तिहान से गुजर रही है। अगर समय रहते फैसला नहीं हुआ, तो इसका फायदा विपक्ष उठाएगा और असर सिर्फ राज्य की राजनीति पर नहीं, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों पर भी पड़ेगा। शिवकुमार की पोस्ट में भले ‘प्रार्थना’ की बात हो, लेकिन राजनीति में आखिरकार प्रार्थना नहीं, सही समय पर लिया गया फैसला ही काम आता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: AHINDA politics, BJP Karnataka, CM race Karnataka, Congress internal conflict, Congress leadership crisis, DK Shivakumar, Indian political analysis, Karnataka Congress, Karnataka politics news, Mallikarjun Kharge, Operation Lotus, power sharing formula, Rahul Gandhi Meeting, Siddaramaiah, Vokkaliga vote bank
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article ऊपर लिखा था 'मसाज' ...लेकिन अंदर ‘S..x' racket ऊपर लिखा था ‘मसाज’ …लेकिन अंदर ‘S..x’ …जब POLICE पहुंची अंदर तो उड़े उसके होश…
Next Article ग्रीनलैंड के PM ने USA को दिया बड़ा झटका, बोले-अमेरिका नहीं, डेनमार्क को चुनेंगे…अब ट्रंप का तीखा पलटवार

फीचर

View More

भारत में 21 करोड़ लोग “HyperTension” का शिकार! 6.75 करोड़ लोग हैं बेखबर? जानिए इस ‘साइलेंट किलर’ का पूरा इतिहास

जब हम हाई ब्लड प्रेशर का नाम सुनते हैं, तो आमतौर पर हमारे दिमाग में किसी बुजुर्ग व्यक्ति की तस्वीर…

By Chaturvedi Shruti V. 7 Min Read

NASA वैज्ञानिक का ‘मौत’ से तीन बार साक्षात्कार: क्या मृत्यु सिर्फ एक भ्रम है? इंग्रिड होनकाला के दावों ने विज्ञान को दी चुनौती

वॉशिंगटन/बोगोटा। क्या मौत वाकई जीवन की 'पूर्णविराम' है, या फिर यह किसी…

4 Min Read

“नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?

पंजाब, जिसे कभी देश का “अन्नदाता” कहा जाता था, आज ड्रग्स, अपराध…

3 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsअन्य

एक बार किया चार्ज तो 2 दिन तक चलेगा फोन! Xiaomi का नया ‘बीस्ट’ हुआ लांच, जाने होश उड़ा देने वाले फीचर्स

स्मार्टफोन मार्केट में Xiaomi एक बार फिर बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। कंपनी 21 मई को अपना नया…

3 Min Read
Trending Newsबाजार

गोल्ड लोन मार्केट में हलचल! 4,000 करोड़ का IPO ला रही है ये कंपनी, छोटे निवेशकों की चमकेगी किस्मत

गोल्ड लोन सेक्टर की कंपनी मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (Muthoot Fincorp Limited) शेयर बाजार में एंट्री करने की एक बहुत बड़ी…

3 Min Read
Trending Newsक्राइम

“मैं ट्रैप हो गई हूं…” मौत से पहले दोस्त को भेजे गए ट्विशा शर्मा के आखिरी मैसेज ने बढ़ाए सवाल

Twisha Sharma की मौत का मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। नोएडा की रहने वाली…

3 Min Read
Trending Newsबाजार

निफ्टी-सेंसेक्स की बची लाज! लेकिन मंडे मार्केट क्रैश में डूबा निवेशकों का 2.25 लाख करोड़

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसा ड्रामा देखने को मिला। सुबह की शुरुआत एक भयानक…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?