बांग्लादेश में इस समय हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद भी वहां हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल के दिनों में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
आरोप है कि मौजूदा सरकार हिंसा पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने में असफल रही है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में कई हिंदू नागरिकों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं।
पिछले 24 घंटों में दो अलग-अलग जानलेवा हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हिंदू समुदाय के दो लोगों की मौत की खबर है। मणि चक्रवर्ती सहित एक अन्य व्यक्ति की हत्या के बाद बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और कई इलाकों में अस्थिरता का माहौल देखा जा रहा है।
मणि चक्रवर्ती बांग्लादेश के नरसिंदी जिले के चारसिंदुर बाजार में किराने की दुकान चलाते थे। सोमवार रात अंधेरे में अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद बांग्लादेश में हालात को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हाल के दिनों में हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि मौजूदा सरकार हिंसा की इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम नजर आ रही है।
गौरतलब है कि मणि चक्रवर्ती ने अपनी मौत से करीब 17 दिन पहले फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर देश में बढ़ती हिंसा और अशांति को लेकर चिंता जताई थी। उनकी यह पोस्ट बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के बीच भय और अनहोनी की आशंका को उजागर करती है।इन घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसी घटनाओं को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हो पा रही हैं। वहीं, सरकार की ओर से भी अब तक कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।