बांग्लादेश के सबसे चर्चित उस्मान हादी हत्याकांड में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने साफ शब्दों में कहा है कि वह हत्या में शामिल नहीं था और फिलहाल भारत में नहीं बल्कि दुबई में है। वीडियो में फैसल ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि उस पर और उसके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
फैसल करीम मसूद ने कहा कि उसने उस्मान हादी की हत्या नहीं की और न ही इस वारदात से उसका कोई संबंध है. उसके अनुसार, वह अपनी जान की सुरक्षा के चलते दुबई चला गया था. वीडियो में फैसल ने बताया कि उसका हादी के साथ संबंध केवल कारोबारी था। उसने यह भी माना कि उसने राजनीतिक चंदा दिया था, लेकिन यह पूरी तरह वैध और पेशेवर कारणों से था, किसी आपराधिक साजिश के तहत नहीं। फैसल ने इशारा किया कि हत्या के पीछे शायद अन्य राजनीतिक कारण या संगठन शामिल हो सकते हैं।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पहले दावा किया था कि फैसल करीम मसूद भारत भाग गया है. पुलिस के अनुसार, वह हलुआघाट बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुआ था. हालांकि, बाद में मेघालय में तैनात बीएसएफ के आईजी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि सीमा पार करने का कोई सबूत नहीं मिला है.मीडिया रिपोर्ट्स और दस्तावेज़ों से यह भी पता चला कि फैसल के पास दिसंबर 2022 में जारी पांच साल का मल्टी-एंट्री यूएई वीजा है और वह वर्तमान में दुबई में ही मौजूद है।
अब कहानी उस्मान हादी की ओर मुड़ती है। हादी ‘इंकलाब मंच’ का प्रवक्ता था और हालिया जनआंदोलन के बाद एक प्रभावशाली युवा नेता के रूप में उभरा था । 12 दिसंबर 2025 को हादी पर हमला हुआ था जिसके बाद गंभीर हालत में हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को हादी की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश में राजनीति और युवा आंदोलनों में हलचल मचा दी थी।
फैसल का नया वीडियो अब इस मामले में पूरी तस्वीर बदल रहा है। एक तरफ पुलिस और जांच एजेंसियां, दूसरी तरफ मीडिया और जनता, हर कोई यही जानना चाहता है कि क्या फैसल सच में निर्दोष है या यह सिर्फ एक राजनीतिक बचाव रणनीति है। फैसल का दावा कि हत्या के पीछे अन्य संगठन या राजनीतिक कारण हो सकते हैं, सवालों की झड़ी लगा देता है।
इस सनसनीखेज मोड़ के साथ, बांग्लादेश में इस हत्याकांड की कहानी अब नए स्तर पर पहुंच चुकी है। फैसल की सफाई ने राजनीतिक पटल पर हलचल पैदा कर दी है और जनता में जिज्ञासा और विवाद दोनों को जन्म दिया है। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि इस हत्याकांड में कौन सच में दोषी है और कौन निर्दोष।