नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की गिरफ्त में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 397 तक पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी की दहलीज पर है। ITO, आनंद विहार, वजीरपुर, जहांगीरपुरी और अशोक विहार सहित कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है।
CPCB के अनुसार, दिल्ली के कुल मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 21 से अधिक स्थानों पर AQI 400 से ऊपर बना हुआ है। सबसे खराब स्थिति वजीरपुर में दर्ज की गई, जहां AQI 445 रहा। विवेक विहार में 444, जहांगीरपुरी में 442, आनंद विहार में 439 और अशोक विहार में 437 AQI दर्ज किया गया। ITO क्षेत्र में भी AQI 425 से 429 के बीच रहा, जबकि नेहरू नगर, बवाना और नरेला जैसे इलाकों में हालात गंभीर श्रेणी में पहुंच गए। घनी धुंध के कारण सुबह के समय दृश्यता में भारी कमी देखी गई।
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, आज हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहेगी और 14 दिसंबर से ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने की आशंका है। ठंडी हवाएं, कम मिश्रण ऊंचाई और प्रदूषक तत्वों का जमाव स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
AQI श्रेणियां इस प्रकार हैं: 0–50 अच्छी, 51–100 संतोषजनक, 101–200 मध्यम, 201–300 खराब, 301–400 बेहद खराब और 401–500 गंभीर। विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और श्वास रोगियों को बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी है। दिल्ली हवाई अड्डे ने भी कम दृश्यता को देखते हुए यात्रियों से उड़ान स्थिति जांचने की अपील की है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP के तहत कदम उठाए जा रहे हैं, साथ ही नागरिकों से वाहनों का कम उपयोग करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और प्रदूषणकारी गतिविधियों से बचने का आग्रह किया गया है। स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है और त्वरित प्रभावी उपायों की आवश्यकता है।