फेमस कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य एक बड़ी मुश्किल में पड़ते दिखाई दे रहे हैं। अपनी एक अभद्र टिप्पणी के कारण कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। मथुरा की एक कोर्ट ने महिलाओं पर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी को बहुत गंभीरता से लिया है और अब उनके खिलाफ केस दर्ज करने का ऑर्डर पास हो चुका है।
किस बयान के कारण फंसे अनिरुद्धाचार्य
अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ था, जिसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने बेटियों की शादी की उम्र और उनके चरित्र को लेकर बेहद विवादित टिप्पणी की थी। विडियो में उन्होंने कहा था कि ‘लड़कियां 25 वर्ष की उम्र तक कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं’ और इसलिए उनकी शादी 14 साल की कम उम्र में ही कर देनी चाहिए। इस बयान ने देशभर में महिला संगठनों और आम जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया।
कोर्ट का कड़ा रुख
आक्रोश के बाद, अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर इस मामले को लेकर एक्टिव हुईं। उन्होंने मथुरा के चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट उत्सव राज गौरव की अदालत में एक याचिका दायर कर कथावाचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कोर्ट ने याचिका को मान लिया है और मामले को आधिकारिक तौर पर कंप्लेंट केस के रूप में दर्ज करने का आदेश भी दे दिया है। इस फैसले का साफ मतलब है कि अब ये पूरा मामला सिर्फ सोशल मीडिया पर होने वाली बहस या विवाद नहीं रहा, बल्कि ये एक गंभीर और सिरियस लीगल प्रोसेस बन चुका है।
मामले की अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को तय की गई है। इसी दिन शिकायतकर्ता मीरा राठौर के बयान दर्ज होंगे, जो केस को आगे बढाने के लिए उसकी दिशा तय करेगा।
“मेरे बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया”
विवाद बढ़ने के बाद स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने सफाई देते हुए कहा कि वो महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं और उनके बयान को ‘गलत तरीके से पेश’ किया गया है। हालांकि, कई संगठनों ने उनकी इस सफाई को मानने से इनकार कर दिया और उनका विरोध लगातार जारी रहा।
मथुरा कोर्ट में केस दर्ज होने के बाद अब अनिरुद्धाचार्य को अपने विवादित बयान पर कोर्ट में जवाब देना होगा। शिकायतकर्ता मीरा राठौर के वकील मनीष गुप्ता ने इसे महिलाओं के सम्मान की लड़ाई में एक अहम जीत माना है। इसी बीच, वाराणसी में भी एक और केस दर्ज होने की खबर है, जो साफ दिखाता है कि धार्मिक मंचों पर दिए जाने वाले आपत्तिजनक बयान अब गंभीर कानूनी जांच के दायरे में आ रहे हैं।