बदायूं के इस्लामनगर में एक बेहद अनोखी शादी ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। गांव ब्यौर कासिमाबाद की 28 वर्षीय पिंकी शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ विवाह करके सबको हैरान कर दिया। गांव के लोगों ने घराती बनकर हर रस्म में हिस्सा लिया—हल्दी से लेकर लग्न और सात फेरे तक सब कुछ पूरी रीति-रिवाज के साथ हुआ। शनिवार रात शादी हुई और रविवार सुबह पिंकी की प्रतीकात्मक विदाई भी कराई गई। फिलहाल पिंकी अपने घर पर ही रह रही हैं।
वृंदावन का अनुभव जिसने बदल दिया फैसला
पोस्ट-ग्रेजुएट पिंकी बचपन से ही श्रीकृष्ण की भक्त रही हैं। वह अक्सर अपने पिता के साथ वृंदावन जाती थीं और कुछ ही महीनों में फिर जाने की जिद करने लगती थीं। धीरे-धीरे पिंकी ने मन ही मन खुद को कन्हैया जी को समर्पित कर दिया। उनका निर्णय तब और पक्का हो गया जब करीब चार महीने पहले वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में प्रसाद के साथ उनके आंचल में एक सोने की अंगूठी भी आ गई। इसे उन्होंने भगवान की निशानी मानकर घरवालों से कहा कि शादी का लड़का ना देखा जाए।
बीमारी के दौर में भी पिंकी का भक्ति भाव नहीं डगमगाया। गंभीर हालत में रहते हुए उन्होंने श्रीकृष्ण के भारी विग्रह को गोद में लेकर वृंदावन और गोवर्धन की परिक्रमा पूरी की और इसके बाद उनका स्वास्थ्य भी ठीक हो गया। परिवार ने भी उनके फैसले को स्वीकार करते हुए विधि-विधान से शादी कराई। उनके पिता ने पिंकी को बेटों की तरह ही परिवार की प्रॉपर्टी में हिस्सा देने का निर्णय लिया है।
अब गांव के लोग पिंकी को प्यार से “आज के युग की मीरा” कहकर बुला रहे हैं और उनके भक्ति भाव की दूर-दूर तक चर्चा हो रही है।