कर्नाटक की राजनीति में फिर एक बार बड़ी हलचल होने के संकेत दिख रहे हैं। इस बार मामला मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस के दो नेताओं के बीच विवाद का नहीं है। लेकिन कांग्रेस के सूत्रों की माने तो राज्य में सत्ता को अस्थिर करने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है। दरअसल कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा है।
इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि डीके शिवकुमार के पास राष्ट्रीय हेराल्ड मामले से संबंधित ‘महत्वपूर्ण जानकारी होने की संभावना है।‘ नेशनल हेराल्ड से जुड़ा ये मामला इसी साल 3 अक्टूबर को कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज किया गया था। EOW ने शिवकुमार से 19 दिसंबर तक उसके सामने पेश होने या मांगी गई जानकारी देने को कहा है। जिसमें उनके पर्सनल बैकग्राउंड, कांग्रेस पार्टी के साथ उनके जुड़ाव, और कथित तौर पर उनके या उनसे जुड़ी संस्थाओं द्वारा यंग इंडियन को ट्रांसफर किए गए फंड्स की पूरी जानकारी मांगी गई है।
इस मामले में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि ‘यह हैरान करने वाला है। ED पहले ही हमें बुला चुकी है और मैंने सभी सवालों के जवाब दिए थे। ED चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, तो पुलिस फिर से केस कैसे दर्ज कर सकती है? यह एक बड़ा कानूनी प्रश्न है, जिसे हम अदालत में उठाएंगे’।
वहीं डीके शिवकुमार से जुड़े करीबी लोगों की माने तो डीके को कांग्रेस के साथ बने रहने के चलते निशाना बनाया जा रहा है। दरअसल कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान चलती रहती है। अभी हाल ही में सरकार के ढ़ाई साल पूरे होने पर भी सीएम को बदलने को लेकर विवाद सामने आया था। लेकिन माना जा रहा है कि राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया के बीच का विवाद सुलझा लिया गया था।
उसी समय ये चर्चा थी कि इस पूरे उठापटक पर बीजेपी की नजर है। अब EOW के नोटिस की टाइमिंग को लेकर सियासी गलियारे में चर्चा है कि ये सबकुछ कर्नाटक की सत्ता से जुड़ा हो सकता है।