देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) इस समय ऑपरेशनल डिजास्टर के दौर से गुज़र रही है। एक दिन में लगभग 550 से ज़्यादा उड़ानों का रद्द होना, इंडिगो के इतिहास का एक बड़ा झटका है| फ्लाइट्स कैंसिल और देरी के चलते देश भर के एयरपोर्ट्स पर मेगा-क्राइसिस जैसी स्थिति बन गई है। इस बड़े झटके ने यात्रियों को मुश्किल में डाल दिया है और मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (MoCA) को फुल-मोड इंटरवेंशन के लिए मजबूर होना पड़ा है।
‘क्रू शॉर्टेज’ और DGCA के नए नियम
इंडिगो ने एविएशन रेगुलेटर DGCA के सामने आधिकारिक तौर पर एक्सेप्ट किया है कि ये नेटवर्क ब्रेकडाउन मुख्य रूप से पायलट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) के नए नियमों को लागू करने में उनकी ‘प्लानिंग फेलियर’ के कारण हुआ। एयरलाइन ने माना कि उन्होंने क्रू की वास्तविक ज़रूरत का ग़लत आकलन किया, जिसकी वजह से पायलट शॉर्टेज जैसी प्रॉब्लम पैदा हो गई|
गवर्नमेंट का ‘रेड सिग्नल’
इस गंभीर गड़बड़ी पर DGCA ने कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की है| मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू ने टॉप मैनेजमेंट के साथ मीटिंग की और सिचुएशन को हैंडल करने के तरीके पर कड़ी आलोचना की है। सरकार ने साफ़ निर्देश दिया है कि परिचालन को तुरंत सामान्य किया जाए और इस क्राइसिस का फायदा उठाकर एयर फेयर में कोई भी अनैथिकल सर्ज (अनैतिक बढ़ोतरी) नहीं होनी चाहिए।
इंडिगो का ‘डैमेज कंट्रोल’ और डेडलाइन
यात्रियों को हो रही असहनीय असुविधा को देखते हुए, इंडिगो ने DGCA को बताया है| एयरलाइन ने टारगेट डेट दी है कि 10 फरवरी, 2026 तक पूरी तरह से नार्मल हो जाएगी और पूरी तरह से नॉर्मल सर्विस शुरू हो जाएगी|
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, और हैदराबाद जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर ‘टोटल मेस’ का माहौल रहा है. यात्रियों की लंबी कतारें, सामान के लिए घंटों इंतज़ार और एयरलाइन स्टाफ की ओर से नो इन्फॉर्मेशन ने यात्रियों का गुस्सा भड़का दिया. कई जगहों पर असंतुष्ट यात्रियों को विरोध-प्रदर्शन करते देखा गया|
एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी है और अपील की है कि एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस ज़रूर चेक कर लें।