पटना.बिहार में नीतीश कुमार बीजेपी के साथ अच्छा तालमेल बैठा चुके हैं और महागठबंधन पूरी तरह विफल होता दिख रहा है. कांग्रेस के लिए बिहार की हार एक बड़ा झटका है, और अब झारखंड से भी उसे बुरी खबर मिलने की संभावना जताई जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है.हालांकि मौजूदा सरकार का समीकरण अभी स्थिर है, लेकिन राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने चोरी-छुपे बीजेपी के एक शीर्ष नेता से मुलाकात की है, जिसके बाद नई सियासी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है.
सूत्र बताते हैं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) बीजेपी के साथ मिलकर नई सरकार गठन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है.अगर यह गठबंधन बनता है तो कांग्रेस को एक बार फिर सत्ता से बेदखल होना पड़ सकता है.
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और बीजेपी के शीर्ष नेता के बीच बैठक में नई सरकार का प्रारंभिक खाका तैयार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम पद के लिए बाबूलाल मरांडी या चंपाई सोरेन के नाम पर चर्चा चल रही है.
हालांकि, यह पूरा मामला अभी भी कई सवाल खड़े करता है क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों में झारखंड में सत्ता परिवर्तन की कोई स्पष्ट आवश्यकता नहीं दिखती है. फिर भी, राजनीतिक गलियारों में इन अटकलों ने माहौल गरमा दिया है.
मौजूदा समय में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के पास बहुमत सुरक्षित है और इस पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है. कांग्रेस को भी बाहर से समर्थन देना पड़ रहा है ताकि भाजपा को रोका जा सके.
वहीं, हेमंत सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है. हालात इतने गंभीर हैं कि मइयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह देने और धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,200 रुपये प्रति क्विंटल करने के वादे को पूरा करना चुनौती बन गया है. ऐसे में राजनीतिक हलचल के बीच यह माना जा रहा है कि सरकार अपने विकल्पों पर विचार कर सकती है.