अडियाला जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात का मुद्दा आखिरकार सुलझता दिख रहा है. जेल प्रशासन ने घोषणा की है कि 2 दिसंबर (मंगलवार) को परिवार और 4 दिसंबर (गुरुवार) को वकीलों को मिलने की अनुमति दी जाएगी. यह निर्णय नवंबर भर चले विरोध प्रदर्शन, अदालत के दबाव और पीटीआई नेताओं के निरंतर आग्रह के बाद सामने आया है.
अडियाला जेल अधिकारियों ने कहा कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं और सभी मुलाकातें सुरक्षा नियमों के दायरे में होंगी. यह कदम इस्लामाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का पालन है जिसमें इमरान को सप्ताह में दो बार मुलाकात की सुविधा बहाल की गई थी. जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुलाकातें निर्धारित शर्तों के तहत होंगी और ‘इच्छा-अनुकूल’ नहीं.
नवंबर में मुलाकातें रोकने पर विवाद तेज
नवंबर महीने में किसी भी परिवार सदस्य, वकील या पीटीआई नेता को मुलाकात न मिलने से विवाद बढ़ गया था. इमरान खान की तीनों बहनों—नूरीन नियाज़ी, अलीमा खान और उज़मा खान—सहित डॉक्टरों और वरिष्ठ नेताओं को भी बार-बार मना कर दिया गया. इसी दौरान सोशल मीडिया पर उनकी सेहत और मौत से जुड़ी अफवाहें भी फैलीं, जिन्हें जेल प्रशासन ने खारिज किया. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को आठ बार मुलाकात से रोका गया, जिसके बाद उन्होंने 27-28 नवंबर को जेल के बाहर 16 घंटे का धरना दिया.
राजनीतिक तनाव और सेना पर आरोप
पीटीआई नेताओं का आरोप है कि सैन्य नेतृत्व इमरान खान को अलग-थलग करके राजनीतिक दबाव बना रहा है. अलीमा खान ने जेल अधिकारियों पर अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया है और दावा किया कि जेल पर एक ‘कर्नल’ का प्रभाव है. सरकार की ओर से सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने मुलाकातों पर सहमति जताई, जबकि पीटीआई का कहना है कि इमरान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है.
अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान कई मामलों में सजा काट रहे हैं. यह पूरा प्रकरण पाकिस्तान में बढ़ते राजनीतिक तनाव और सत्ता संस्थानों के बीच गहराते मतभेद की ओर इशारा करता है.