लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप के अवैध व्यापार का एक और बड़ा नेटवर्क ध्वस्त करते हुए वाराणसी के कुख्यात ऑपरेटर अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है. एसटीएफ इस रैकेट को लेकर पहले से ही कई राज्यों में कार्रवाई कर रही है और यही गिरफ्तारी इस पूरे सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में सबसे अहम मानी जा रही है.
लखनऊ से गिरफ्तारी — सुबह 7 बजे दबिश में दबोचा गया आरोपी
STF ने 27 नवंबर की सुबह ग्वारी चौराहा, थाना गोमती नगर, लखनऊ से अमित सिंह टाटा को हिरासत में लिया। आरोपी के पास से बरामद हुआ: 02 मोबाइल फोन, फॉर्च्यूनर गाड़ी, आधार कार्ड, ₹4500 नकद, मोबाइल से प्राप्त कई संदिग्ध दस्तावेज.
गिरफ्तारी के बाद तत्काल पूछताछ के लिए आरोपी को STF मुख्यालय ले जाया गया.
मास्टरमाइंड से कनेक्शन — करोड़ों के कफ सिरप घोटाले का ‘दूसरा बड़ा ऑपरेटर’
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि अमित सिंह टाटा, कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का बेहद करीबी और दाहिना हाथ था. शुभम जायसवाल 5 नवंबर को दुबई फरार हो चुका है.
वाराणसी, रांची, झारखंड से लेकर बांग्लादेश तक फैले इस अवैध नेटवर्क में अमित सिंह अहम भूमिका निभाता था. कोडीन युक्त कफ सिरप को फर्जी फर्मों और फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों की मात्रा में खरीदकर, ईस्टर्न इंडिया और बांग्लादेश में सप्लाई किया जा रहा था.
STF पहले ही शुभम के नेटवर्क से जुड़े विभोर राणा, विशाल सिंह, सौरभ त्यागी जैसे सहयोगियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
कैसे चल रहा था कफ सिरप का अवैध साम्राज्य? आरोपी ने खोले राज
पूछताछ में अमित सिंह टाटा ने STF को कई चौंकाने वाले खुलासे किए:
उसने बताया कि विकास सिंह के जरिए शुभम जायसवाल से उसका संपर्क हुआ. शुभम ने धनबाद में उसके नाम पर देवकृपा मेडिकल एजेंसी नाम से फर्म खुलवाई. फर्म का पूरा नियंत्रण शुभम और उसके पार्टनरों के पास था. करोड़ों रुपये की फेन्सेडिल कफ सिरप को फर्जी ई-वे बिल व फर्जी खरीद-बिक्री के जरिए बाजार से गायब कर दिया जाता था. बनारस में भी श्री मेडिकल नाम की फर्म अमित सिंह के नाम पर खोली गई.
इन फर्मों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का कोडीन सिरप खरीदा गया था. ज्यादातर सिरप बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में तस्करों को बेचा गया. अमित सिंह ने बताया कि फर्मों से मिलने वाला पूरा पैसा वह अपनी पत्नी साक्षी सिंह के बैंक खाते में जमा करता था.
कई राज्यों में फैला तस्करी का नेटवर्क
STF के अनुसार यह अवैध नेटवर्क उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, असम और बांग्लादेश तक सक्रिय था. कोडीन सिरप को नशे के रूप में बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जा रहा था, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा था.
आरोपी के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज
अमित सिंह टाटा के खिलाफ पहले से वाराणसी और यूपी के कई थानों में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें— हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, जालसाजी ,कोडीन तस्करी जैसे कई मामले शामिल हैं.