6,000 करोड़ का ड्रग माफिया वीरेंद्र बसोया दुबई से डिपोर्ट: अमित शाह बोले- ‘कहीं भी छुप जाएं, भारतीय कानून से नहीं बचेंगे’
भारत सरकार की नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को एक बड़ी सफलता मिली है। पुणे के चर्चित ₹6,000 करोड़ के ड्रग्स केस के मुख्य मास्टरमाइंड और अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स माफिया वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी साझा की और इसे मोदी सरकार की ड्रग्स के खिलाफ मुहिम में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया।
एयर इंडिया की फ्लाइट से लाया गया भारत, NCB की बड़ी कामयाबी
एनसीबी (NCB) और भारतीय जांच एजेंसियों के दबाव के बाद दुबई पुलिस ने वीरेंद्र बसोया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर भारत सरकार ने उसे डिपोर्ट करवाया। बसोया को एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 4310 के जरिए सुरक्षित भारत लाया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा:
“हमारी एजेंसियों ने यह साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। सरकार विदेशों में छिपे हर तस्कर का पता लगा रही है और पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
क्या है ₹6,000 करोड़ का पुणे ड्रग्स केस?
वीरेंद्र सिंह बसोया का नाम फरवरी 2024 में तब सुर्खियों में आया जब पुणे पुलिस और NCB ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था।
केस से जुड़ी 4 बड़ी बातें:
970 किलो मेफेड्रोन (Mephedrone) बरामद: फरवरी 2024 में दिल्ली और पुणे में छापेमारी के दौरान करीब 970 किलोग्राम खतरनाक ड्रग मेफेड्रोन जब्त की गई थी।
लंदन भेजने की थी साजिश: जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरी खेप ‘डेल्टा लॉजिस्टिक्स’ नाम की कंपनी के जरिए लंदन (UK) भेजने की तैयारी में थी।
बसोया ही था असली मास्टरमाइंड: गिरफ्तार आरोपी दिवेश भूतानी और संदीपकुमार बैसोया सीधे वीरेंद्र बसोया के निर्देशों पर ही काम कर रहे थे।
बेटे पर भी कस रहा शिकंजा: वीरेंद्र बसोया का बेटा ऋषभ बसोया भी इस सिंडिकेट का हिस्सा है, जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और वह फिलहाल विदेश में फरार है।
‘संदीप धुनिय’ का करीबी है बसोया, पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने
जांच एजेंसियों के अनुसार, वीरेंद्र बसोया दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज 13,000 ड्रग्स मामलों के मुख्य आरोपी संदीप धुनिय का बेहद करीबी माना जाता है। संदीप धुनिय दुबई के रास्ते पाकिस्तान भागने में कामयाब रहा था, जहाँ से बैठकर वह भारत में ड्रग्स नेटवर्क चला रहा है। बसोया की गिरफ्तारी से पाकिस्तान और दुबई से चलने वाले इस पूरे कार्टेल का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
क्यों अहम है यह गिरफ्तारी?
इंटरनेशनल सिंडिकेट पर चोट: विदेशों में बैठकर भारत में नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाले अपराधियों के लिए यह एक सख्त संदेश है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: भारत और UAE के बीच मजबूत होते प्रत्यर्पण और सुरक्षा सहयोग का यह एक बेहतरीन उदाहरण है।
नेटवर्क का होगा अंत: बसोया की कस्टडी से एजेंसियों को भारत में फैले उसके लोकल सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिलेंगे।