अयोध्या: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। चयन समिति ने सीईओ पद के लिए तीन योग्य नामों का पैनल तैयार कर लिया है। समिति के तीनों सदस्य 31 अगस्त की शाम तक अयोध्या पहुंचेंगे और 1 सितंबर को यह पैनल ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपेंगे। हालांकि, पैनल में शामिल तीनों नाम फिलहाल गोपनीय रखे गए हैं।
सीईओ के लिए तैयार पैनल पर 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चर्चा होगी। विचार-विमर्श के बाद ट्रस्टी तीन नामों में से किसी एक का चयन करेंगे और उसी दिन नियुक्ति की घोषणा की जाएगी। चयन समिति के एक सदस्य के मुताबिक, इसी दौरान सीईओ के कामकाज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ चर्चा होगी।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने और दो ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद बनी परिस्थितियों से निपटने के लिए ट्रस्ट ने सीईओ नियुक्त करने का फैसला किया था। देश के दूसरे प्रमुख मंदिरों की व्यवस्था की तर्ज पर राम मंदिर में भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया गया। पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली को समिति का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट विष्णुकांत चतुर्वेदी और परमाणु विज्ञानी डॉ. सुरेश हावड़े को सदस्य बनाया गया।
चयन समिति ने 13 जुलाई को ट्रस्ट की वेबसाइट के माध्यम से सीईओ पद के लिए आवेदन मांगे थे। इस पद के लिए आवेदक के पास 20 साल का प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी था। उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच, हिंदू होना और मंदिर की पूजा पद्धति की जानकारी होना भी अनिवार्य शर्तों में शामिल था।
सीईओ की नियुक्ति तीन साल के लिए की जानी है। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कार्यकाल बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। वेतन को सार्वजनिक करने के बजाय आपसी बातचीत से तय करने की बात कही गई थी।
आवेदन की अंतिम तारीख 18 जुलाई तक कुल 5585 आवेदन मिले थे। इन आवेदनों की तीन चरणों में छंटनी की गई। इसके बाद 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन साक्षात्कार हुआ और 11 व 12 अगस्त को अयोध्या में 16 उम्मीदवारों का अंतिम साक्षात्कार लिया गया।
अंतिम साक्षात्कार में शामिल उम्मीदवारों में से तीन योग्य लोगों को चुनकर चयन समिति ने पैनल तैयार किया है। समिति के एक सदस्य ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अंतिम पैनल तैयार करने से पहले तीनों सदस्यों के बीच दो-तीन दौर में गहन विचार-विमर्श हुआ।
उन्होंने बताया कि पैनल में अलग-अलग सेवाओं में काम कर चुके लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, तीनों नामों का खुलासा नहीं किया गया है। चयन समिति के सदस्य ने इसे बेहद गोपनीय प्रक्रिया बताते हुए कहा कि नाम ट्रस्ट के अधिकृत पदाधिकारी ही सार्वजनिक करेंगे।
ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक 2 सितंबर को मणिरामदास जी की छावनी में महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में होगी। इससे एक दिन पहले, 1 सितंबर को इसी स्थान पर ट्रस्ट पदाधिकारी चयन समिति के तीनों सदस्यों के साथ बैठक करेंगे।
इस बैठक में सीईओ के अधिकार और जिम्मेदारियां, वेतन, ट्रस्ट महासचिव के प्रति जवाबदेही, कार्यों का निर्धारण और कार्यकाल के नवीनीकरण की प्रक्रिया समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के साथ चयन समिति के तीनों सदस्यों, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि तथा ट्रस्टी और धार्मिक समिति के सदस्य महंत दिनेंद्रदास के शामिल होने की संभावना है।
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