साल 2025 अब खत्म होने की कगार पर है और आज 28 दिसंबर है। साल खत्म होने में सिर्फ तीन दिन बचे हैं। ऐसे में लोग नए साल के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं, टैक्स और फाइनेंस से जुड़े जरूरी काम निपटाने का समय भी बहुत कम रह गया है। कई महत्वपूर्ण डेडलाइन अब समाप्त होने वाली हैं। अगर ये काम समय पर पूरे नहीं किए गए, तो टैक्सपेयर्स को जुर्माना, ब्याज और अन्य वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि जो भी जरूरी काम हैं, उन्हें अभी या जल्द से जल्द निपटाया जाए।
अभी तक जिन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, उनके लिए यह बेहद जरूरी है कि वे 31 दिसंबर तक ITR फाइल कर दें। ऐसा न करने पर उन्हें कानूनी और वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लेट ITR फाइलिंग पर जुर्माना
अगर आपने अब तक मूल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, तो 31 दिसंबर तक यह काम किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए लेट फीस देनी होगी। सालाना आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर अधिकतम 5,000 रुपये तक जुर्माना लागू होगा, जबकि 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।
रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का मौका
जिन लोगों ने समय पर ITR फाइल की थी, लेकिन उसमें कोई गलती रह गई है, वे 31 दिसंबर तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसमें आय, बैंक डिटेल या अन्य जानकारी को सुधारने की सुविधा है। ध्यान रहे कि संशोधन के बाद अगर अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो 25% से 50% तक का अतिरिक्त जुर्माना देना पड़ सकता है।
लेट ITR फाइलिंग पर जुर्माना
अगर आपने अब तक मूल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, तो 31 दिसंबर तक यह काम किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए लेट फीस देनी होगी। सालाना आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर अधिकतम 5,000 रुपये तक जुर्माना लागू होगा, जबकि 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।
रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का मौका
जिन लोगों ने समय पर ITR फाइल की थी, लेकिन उसमें कोई गलती रह गई है, वे 31 दिसंबर तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसमें आय, बैंक डिटेल या अन्य जानकारी को सुधारने की सुविधा है। ध्यान रहे कि संशोधन के बाद अगर अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो 25% से 50% तक का अतिरिक्त जुर्माना देना पड़ सकता है।