नई दिल्ली: ज़ोमैटो के संस्थापक और ईटरनल लिमिटेड के वाइस चेयरमैन दीपिंदर गोयल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बिज़नेस डील या नया फीचर नहीं, बल्कि एक बेहद भावुक अपील है। 3 फरवरी 2026 को गोयल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) और लिंक्डइन पर पूर्व कर्मचारियों के लिए एक खुला संदेश लिखा, जिसका टाइटल ही दिल छू लेने वाला था— “I want you back” (मैं आपको वापस चाहता हूँ)। इस पोस्ट में उन्होंने उन सभी लोगों से सीधे बात की जो कभी ज़ोमैटो या ईटरनल ग्रुप का हिस्सा रहे हैं, चाहे उन्होंने खुद कंपनी छोड़ी हो या किसी वजह से उन्हें जाना पड़ा हो।
ईटरनल अब एक कंपनी नहीं, पूरा इकोसिस्टम
अपने संदेश में दीपिंदर गोयल ने बताया कि ईटरनल अब सिर्फ ज़ोमैटो तक सीमित नहीं है, बल्कि कई कंपनियों का एक परिवार बन चुका है। इस ग्रुप में ज़ोमैटो के साथ-साथ ब्लिंकिट क्विक-कॉमर्स, ब्लिंकिट एम्बुलेंस, डिस्ट्रिक्ट, हाइपरप्योर, नगेट और फीडिंग इंडिया जैसे वेंचर्स शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ईटरनल में 400 से ज्यादा ऐसे लोग काम कर रहे हैं जो अपनी दूसरी या तीसरी पारी में हैं और दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई लोग इस बार पहले से कहीं बेहतर परफॉर्म कर रहे हैं। गोयल के मुताबिक कंपनी अब पहले से ज्यादा संगठित है, अराजकता कम हुई है और लीडरशिप व वर्क कल्चर में भी साफ सुधार दिख रहा है।
“दरवाज़ा बंद नहीं है, मैं आपको वापस चाहता हूँ”
गोयल ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ऐसे लोगों की जरूरत है जो पहले से जानते हैं कि यहां “अच्छा काम” कैसा दिखता है और जो उसे बनाए रखने के लिए लड़ने को तैयार हों। उन्होंने लिखा कि इससे बेहतर कोई नहीं हो सकता जो यहां रह चुका हो, सीख चुका हो, आगे बढ़ चुका हो और अब वापस लौटना चाहता हो। उन्होंने पूर्व कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि ईटरनल अतीत में नहीं जी रही और किसी के लिए भी दरवाज़ा बंद नहीं है। जो लोग महसूस करते हैं कि यहां उनका काम अधूरा रह गया था, वे बिना ज्यादा सोचे सीधे संपर्क करें। इसके लिए उन्होंने खास ईमेल आईडी back@eternal.com भी शेयर की।
हल्के-फुल्के अंदाज़ में गोयल ने यह भी कहा कि “गुड़गांव की प्रदूषण अब भी एक समस्या है, लेकिन ईटरनल में होना ही एक फीचर है।” उनके इस खुले निमंत्रण को ‘बूमरैंग एम्प्लॉयीज़’ यानी पुराने कर्मचारियों को दोबारा जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस कदम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं—कुछ लोग इसे नेतृत्व की परिपक्वता मान रहे हैं, तो कुछ पिछले लेऑफ्स और कंपनी कल्चर पर सवाल उठा रहे हैं। फिर भी, इतना साफ है कि ईटरनल के अगले चरण में दीपिंदर गोयल खुद अनुभवी टीम को फिर से जोड़ने के मिशन पर उतर चुके हैं।