लखनऊ, 20 सितंबर 2025 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में ‘मिशन शक्ति’ अभियान के पांचवें चरण का शुभारंभ करते हुए राज्य में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों और उपलब्धियों को रेखांकित किया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन नारी सुरक्षा, नारी स्वावलंबन और नारी सम्मान की दिशा में एक और मजबूत कदम है.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब ‘मिशन शक्ति’ की शुरुआत पांच वर्ष पूर्व हुई थी. तब कई लोग सशंकित थे कि यह कैसे सफल होगा. लेकिन आज यह अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2017 से पहले यूपी पुलिस में केवल 10,000 महिला कार्मिक थीं. लेकिन अब यह संख्या 44,000 से अधिक हो चुकी है. उन्होंने कहा कि आज राज्य में 60,200 से अधिक पुलिस आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो एक रिकॉर्ड है.
शिक्षा और कल्याण योजनाओं पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि. ‘कन्या सुमंगला योजना’ के तहत बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक कुल ₹25,000 का आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी के जन्म पर ₹2,000 ,पहली क्लास में प्रवेश पर ₹3,000, छठी कक्षा में ₹3,000 और नौवीं में ₹5,000 की डीबीटी राशि दी जाती है. और शादी के लिए ₹1 लाख तक का अनुदान बिना किसी भेदभाव के प्रदान किया जा रहा है. हायर एजुकेशन में पढ़ने वाली बेटियों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
महिला उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 40,000 से अधिक ‘बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी’ कार्यरत हैं. जो हजारों करोड़ का लेन-देन संभाल रही हैं. इसके साथ ही 60,000 महिला स्वयंसेवी समूह पोषाहार वितरण में शामिल हैं. जिससे उन्हें नियमित आय हो रही है. वहीं दूसरी ओर महिला अपराध पर सख्त रुख करते हुए कहा कि 2017 से पहले महिला सुरक्षा और रोजगार में भारी धांधली होती थी.
केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, और फ्री राशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे नारी सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है. उन्होंने बताया कि यूपी में 1 करोड़ से अधिक भू अभिलेख महिलाओं के नाम पर जारी किए गए हैं और 60 लाख से अधिक आवास भी महिलाओं को दिए गए हैं.