सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) ने अपने क्रिएटर्स के लिए कमाई के नियमों (Monetization Rules) में आमूल-चूल बदलाव किया है।
एलन मस्क (Elon Musk) के नेतृत्व में प्लेटफॉर्म ने अब ‘क्लिकबेट’ और कम गुणवत्ता वाले कंटेंट पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। नए अपडेट का सीधा उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर स्पैम को कम करना और असली कंटेंट क्रिएटर्स को पुरस्कृत करना है।
एंगेजमेंट फार्मिंग (Engagement Farming) पर नकेल
X लंबे समय से इस आलोचना का सामना कर रहा था कि यहाँ लोग केवल व्यूज बटोरने के लिए भ्रामक पोस्ट या दूसरों के वायरल वीडियो का सहारा लेते हैं। कंपनी की प्रोडक्ट हेड निकिता बियर (Nikita Bier) ने स्पष्ट किया है कि अब सिस्टम ऐसे कंटेंट को ‘डाउनरैंक’ (Downrank) करेगा।
- नया फोकस: अब केवल ‘ओरिजिनल’ और ‘वैल्यू’ देने वाले कंटेंट को ही एल्गोरिदम में प्राथमिकता मिलेगी।
- पहचान: कंपनी ऐसे टूल्स इस्तेमाल कर रही है जो असली क्रिएटर को पहचान कर रिवॉर्ड सीधे उन्हें देंगे, न कि केवल रीपोस्ट करने वालों को।
रिप्लाई स्पैम से नहीं बनेगा पैसा: रेवेन्यू मॉडल में बदलाव
मोनेटाइजेशन के सबसे बड़े बदलावों में से एक ‘रिप्लाई सेक्शन’ से जुड़ा है। पहले क्रिएटर्स अपने पोस्ट के नीचे आने वाले रिप्लाई और उन पर मिलने वाले व्यूज से मोटी कमाई कर लेते थे।
- रिप्लाई मोनेटाइजेशन खत्म: अब रिप्लाई पर मिलने वाले व्यूज को रेवेन्यू शेयरिंग से हटा दिया गया है। इसका मकसद रिप्लाई सेक्शन में होने वाले स्पैम को रोकना है।
- होम टाइमलाइन का महत्व: अब केवल ‘होम टाइमलाइन’ पर मिलने वाले ऑर्गेनिक व्यूज को ही कमाई के लिए गिना जाएगा।
- प्रीमियम यूजर्स का प्रभाव: वेरिफाइड और प्रीमियम प्लस सब्सक्राइबर्स द्वारा देखे गए कंटेंट का वजन (Weightage) ज्यादा होगा।
कमाई के लिए अब ये शर्तें हैं जरूरी
- अगर आप X से पैसा कमाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित मापदंड पूरे करने होंगे:
- सब्सक्रिप्शन: आपके पास X प्रीमियम या प्रीमियम प्लस सब्सक्रिप्शन होना अनिवार्य है।
- फॉलोअर्स: अकाउंट पर कम से कम 500 फॉलोअर्स होने चाहिए।
- इम्प्रेसन्स: पिछले 3 महीनों के भीतर कम से कम 5 मिलियन (50 लाख) ऑर्गेनिक इम्प्रेसन्स होना जरूरी है।
लोकल व्यूज पर एलन मस्क का फैसला
हाल ही में एक प्रस्ताव आया था जिसमें स्थानीय क्षेत्रों (Local Regions) के व्यूज को ज्यादा महत्व देने की बात कही गई थी, लेकिन एलन मस्क ने फिलहाल इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। कंपनी का पूरा ध्यान फिलहाल ‘ग्लोबल क्वालिटी’ सुधारने पर है।