उन्नाव रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे BJP के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर महिलाओं और कई सामाजिक संगठनों द्वारा जोरदार प्रदर्शन जारी है।
नारों और पोस्टरों से गूंजा हाई कोर्ट परिसर
शुक्रवार सुबह से ही विभिन्न महिला समूहों और नागरिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता हाई कोर्ट के गेट पर जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘न्याय की हत्या बंद करो’ और ‘बेटी को इंसाफ दो’ जैसे नारों वाले पोस्टर थे।
पुलिस के साथ तनातनी और चेतावनी
प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया था। जैसे-जैसे नारेबाजी तेज हुई, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को लाउडस्पीकर के जरिए चेतावनी दी कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र से हट जाएं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन को तुरंत समाप्त करने को कहा, जिससे कुछ समय के लिए प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
कानूनी मोड़ और जन-आक्रोश की वजह
2017 के इस मामले में 2019 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को दोषी मानकर ‘उम्रकैद’ तक जेल में रहने की सजा सुनाई थी। पर 23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की सजा को ससपेंड कर उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।
पीड़िता के परिवार की चिंता
इस फैसले के बाद पीड़िता और उनके परिवार की ओर से गहरी असुरक्षा व्यक्त की गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक ताकतवर दोषी का बाहर आना गवाहों और पीड़िता के लिए मानसिक और शारीरिक खतरे का संकेत है। दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर का ये विरोध प्रदर्शन केवल एक व्यक्ति की रिहाई के खिलाफ नहीं, बल्कि देश में महिला सुरक्षा और न्यायिक जवाबदेही को लेकर उठ रहे बड़े सवालों की परछाईं है।