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17 फरवरी को पड़ने पहला सूर्य ग्रहण क्यों हैं ख़ास? जानिए क्या है रिंग ऑफ फायर !

आसमान में कुदरत एक बार फिर अपना जादू दिखाने को तैयार है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण अब ज्यादा दूर नहीं है और यह खगोलीय घटना दुनिया के कुछ हिस्सों के लिए एक बेहद दुर्लभ नज़ारा लेकर आएगी। इस बार सूर्य ग्रहण सामान्य नहीं, बल्कि ऐसा होगा जिसमें सूरज आग की अंगूठी की तरह चमकता दिखाई देगा, जिसे आमतौर पर रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।

17 फरवरी 2026 को भारतीय समयानुसार दोपहर से पहले (09:56 UTC पर) चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में आ जाएगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 92 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा। चरम स्थिति में यह अद्भुत दृश्य करीब 2 मिनट 19 सेकंड तक बना रहेगा। हालांकि, सूर्य पूरी तरह ढका हुआ नहीं दिखेगा, बल्कि उसके चारों ओर तेज़ रोशनी का एक चमकदार घेरा नजर आएगा, जो इस ग्रहण को बेहद खास बनाता है।

वैज्ञानिक भाषा में इसे एन्युलर सोलर एक्लिप्स (Annular Solar Eclipse) कहा जाता है। यह तब होता है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होता है। दूरी अधिक होने की वजह से चंद्रमा आकार में थोड़ा छोटा दिखाई देता है और सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। ऐसे में सूर्य की बाहरी रोशनी चारों ओर से चमकती हुई दिखाई देती है, जो देखने वालों के लिए किसी खगोलीय चमत्कार से कम नहीं होती।

लेकिन इस रोमांचक घटना के साथ एक बड़ी सच्चाई भी जुड़ी है। यह एन्युलर सूर्य ग्रहण पूरी तरह से सिर्फ अंटार्कटिका के एक दूर-दराज़ इलाके में ही देखा जा सकेगा। वहीं दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के सबसे दक्षिणी हिस्सों में लोगों को इसका आंशिक नज़ारा देखने को मिल सकता है। बाकी दुनिया के लिए यह नज़ारा सीधे अपनी आंखों से देख पाना संभव नहीं होगा।

हालांकि, निराश होने की कोई ज़रूरत नहीं है। फरवरी 2026 का यह सूर्य ग्रहण आने वाले सालों = में शुरू होने वाले सूर्य ग्रहणों के एक खास दौर की बस शुरुआत है। खगोल विज्ञान के लिहाज़ से अगले तीन साल बेहद अहम रहने वाले हैं।

• 12 अगस्त 2026 को यूरोप में 1999 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जो आइसलैंड और स्पेन से होकर गुज़रेगा
• 6 फरवरी 2027 को एक और एन्युलर सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में नजर आएगा
• इसके बाद 2 अगस्त 2027 को वह ऐतिहासिक घटना होगी, जिसे वैज्ञानिक “सदी का सूर्य ग्रहण” कह रहे हैं
• 26 जनवरी 2028 को एक और एन्युलर सूर्य ग्रहण और 22 जुलाई 2028 को ऑस्ट्रेलिया में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा

खास तौर पर 2 अगस्त 2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा चर्चा में है। कुछ जगहों पर इसकी अवधि 6 मिनट से ज्यादा होगी, जो इसे 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण बनाती है। इसका असर लगभग 258 किलोमीटर तक के इलाके में देखने को मिलेगा और यूरोप, अफ्रीका व एशिया के बड़े हिस्सों में लोग इस नज़ारे का अनुभव कर पाएंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका सबसे बेहतरीन दृश्य मिस्र के ऐतिहासिक शहर लक्सर के आसपास देखने को मिलेगा।

कुल मिलाकर, आने वाले साल आसमान के रहस्यों और कुदरत के अद्भुत नज़ारों को करीब से देखने का सुनहरा मौका देने वाले हैं।

Afifa Malik

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