नई दिल्ली: मानसून शुरू होते ही कई घरों में बाथरूम, रसोई, गार्डन और नमी वाली जगहों पर कनखजूरे दिखाई देने लगते हैं। खासकर ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर रहने वाले लोगों को यह समस्या अधिक देखने को मिल सकती है। बाथरूम की नालियों, पाइपलाइन के आसपास की दरारों और सीलन वाली जगहों पर इनके नजर आने से लोग घबरा जाते हैं। हालांकि कनखजूरे बारिश की वजह से पैदा नहीं होते, बल्कि मौसम में बढ़ी नमी और बदले हुए वातावरण के कारण घरों के अंदर पहुंच जाते हैं।
मानसून के दौरान मिट्टी में पानी भर जाने से कनखजूरे अपने प्राकृतिक ठिकानों से बाहर निकलने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में वे सूखी, सुरक्षित और अंधेरी जगहों की तलाश करते हैं। बाथरूम का ठंडा, नम और कम रोशनी वाला माहौल उन्हें छिपने के लिए अनुकूल लगता है, इसलिए इस मौसम में यहां इनके दिखाई देने की संभावना बढ़ जाती है।
बारिश के दौरान पत्थरों के नीचे, लकड़ी के ढेर, सूखे पत्तों और मिट्टी में बने इनके प्राकृतिक ठिकानों में पानी भर जाता है। ऐसे में ये सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों के भीतर प्रवेश कर सकते हैं। मानसून में बढ़ी नमी इनके सक्रिय होने की एक बड़ी वजह मानी जाती है।
कनखजूरे ऐसी जगहों पर रहना पसंद करते हैं जहां लगातार नमी बनी रहे, सीधी धूप न पहुंचे और छिपने के लिए दरारें या कोने मौजूद हों। यदि आसपास छोटे कीड़े-मकोड़े भी मिल जाएं तो उन्हें भोजन भी आसानी से मिल जाता है। यही कारण है कि बाथरूम, स्टोर रूम और सिंक के नीचे की जगहें इनके लिए अनुकूल मानी जाती हैं।
कनखजूरे कई छोटे रास्तों से घर के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। इनमें बाथरूम की नालियां, दरवाजे के नीचे की खाली जगह, पाइपलाइन के आसपास की दरारें, फर्श और दीवारों की छोटी-छोटी दरारें तथा वेंटिलेशन ग्रिल शामिल हैं।
अधिकांश कनखजूरे इंसानों से दूरी बनाकर रखना पसंद करते हैं। लेकिन यदि उन्हें छेड़ा जाए या गलती से दब जाएं, तो कुछ प्रजातियां काट सकती हैं। इसके कारण दर्द, सूजन या त्वचा पर लालिमा हो सकती है। यदि काटने के बाद तेज सूजन या एलर्जी जैसी समस्या दिखाई दे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बाथरूम को जितना संभव हो सूखा रखें और पानी जमा न होने दें। नालियों पर हमेशा ड्रेन कवर लगाएं। दीवारों, फर्श और पाइपलाइन के आसपास मौजूद दरारों को अच्छी तरह सील करें। साथ ही बाथरूम के कोनों और नमी वाली जगहों की नियमित सफाई करते रहें, ताकि कनखजूरे के छिपने की संभावना कम हो सके।
अगर कनखजूरा दिखाई दे तो उसे नंगे हाथों से पकड़ने की कोशिश न करें। बच्चों को उससे दूर रखें और खेलने न दें। यदि बार-बार कनखजूरे नजर आ रहे हैं, तो केवल कीटनाशक स्प्रे के भरोसे रहने के बजाय यह पता लगाएं कि वे घर के अंदर किस रास्ते से प्रवेश कर रहे हैं और उसी रास्ते को बंद करें।
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