नई दिल्ली: रात का सन्नाटा हो और अचानक किसी कुत्ते के रोने या लंबी आवाज निकालने की आवाज सुनाई दे, तो कई लोगों के मन में अनहोनी का डर पैदा हो जाता है। गांवों और छोटे शहरों में आज भी कुत्तों के रात में रोने को भूत-प्रेत या किसी बुरी घटना से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन क्या सच में कुत्ते किसी अदृश्य शक्ति को देखकर ऐसा करते हैं? वैज्ञानिक प्रमाण इस मान्यता का समर्थन नहीं करते। दरअसल, कुत्तों के इस व्यवहार के पीछे संवाद करने, दूसरी आवाजों पर प्रतिक्रिया देने, अकेलेपन, डर या किसी शारीरिक परेशानी जैसे कई सामान्य कारण हो सकते हैं।
अमेरिकन केनेल क्लब (AKC) के मुताबिक, कुत्तों का लंबी आवाज निकालना यानी हूकना उनके संवाद करने के तरीकों में से एक है। इसके जरिए वे दूसरे कुत्तों को अपनी मौजूदगी का संकेत दे सकते हैं या आसपास की आवाजों पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। ऐसे में हर बार कुत्ते के रोने को किसी अनहोनी से जोड़ना सही नहीं है।
कुत्ते केवल रात में ही आवाज नहीं निकालते, लेकिन रात के शांत माहौल में उनकी आवाज ज्यादा दूर तक सुनाई दे सकती है। दिन के समय वाहनों, लोगों और दूसरी गतिविधियों का शोर उनकी आवाज को दबा देता है। रात में आसपास शोर कम होने के कारण वही आवाज ज्यादा स्पष्ट सुनाई देती है।
इसके अलावा, कुत्तों की सुनने की क्षमता इंसानों से अलग होती है। वे कुछ ऐसी ऊंची आवृत्ति वाली आवाजें भी सुन सकते हैं, जिन्हें इंसान नहीं सुन पाते। इसलिए कई बार कुत्ता बिना किसी स्पष्ट वजह के आवाज निकालता दिखाई देता है, जबकि संभव है कि वह किसी दूसरी आवाज या हलचल पर प्रतिक्रिया दे रहा हो।
कुत्तों के हूकने की एक सामान्य वजह दूसरे कुत्तों से संवाद करना है। अगर किसी इलाके में एक कुत्ता लंबी आवाज निकालता है, तो आसपास मौजूद दूसरे कुत्ते भी जवाब में हूक सकते हैं।
VCA Animal Hospitals के अनुसार, दूसरे कुत्तों की आवाज के अलावा सायरन और संगीत जैसी कुछ तेज या लंबी आवाजें भी कुत्तों को हूकने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इसलिए अगर रात में एक कुत्ते की आवाज के बाद कई दूसरे कुत्ते भी रोने जैसी आवाज निकालने लगें, तो यह उनके बीच सामान्य संवाद या किसी आवाज पर सामूहिक प्रतिक्रिया हो सकती है।
कुत्तों के लिए हूकना केवल प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि अपनी मौजूदगी का संकेत देना भी हो सकता है। वे अपनी आवाज के जरिए दूसरे कुत्तों तक संदेश पहुंचा सकते हैं।
जंगली भेड़ियों में भी लंबी आवाज निकालना झुंड के दूसरे सदस्यों से संपर्क बनाए रखने का एक तरीका है। घरेलू कुत्तों में भी इससे मिलता-जुलता व्यवहार देखा जा सकता है। इसलिए जो आवाज इंसानों को रोने जैसी लगती है, वह कुत्ते के लिए संवाद करने या अपनी स्थिति बताने का तरीका हो सकती है।
अगर कोई कुत्ता लंबे समय तक अकेला रहता है, तो वह अपने मालिक या दूसरे कुत्तों का ध्यान खींचने के लिए आवाज निकाल सकता है। कुछ कुत्तों को मालिक से दूर रहने पर अलगाव की चिंता यानी सेपरेशन एंग्जायटी भी होती है।
अमेरिकन केनेल क्लब के मुताबिक, चिंता और अकेलापन कुत्तों के हूकने की संभावित वजहों में शामिल हैं। ऐसे कुत्ते मालिक के घर से बाहर रहने पर ज्यादा आवाज निकाल सकते हैं। रात के समय यह व्यवहार और स्पष्ट सुनाई दे सकता है।
डर, अनजान माहौल या दिनचर्या में बदलाव भी कुछ कुत्तों को बेचैन कर सकता है। ऐसे में उनके व्यवहार पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि पता चल सके कि वे किसी चीज से घबराए हुए तो नहीं हैं।
कुत्ते अपने आसपास के वातावरण को लेकर सतर्क रहते हैं। किसी अनजान व्यक्ति, दूसरे जानवर या असामान्य हलचल का पता चलने पर वे आवाज निकालकर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
कुछ कुत्ते अपने क्षेत्र में दूसरे जानवरों की मौजूदगी पर भी आवाज करते हैं। यह व्यवहार अपनी मौजूदगी का संकेत देने या दूसरे जानवरों को दूर रखने की प्रतिक्रिया हो सकता है। रात में जब वातावरण शांत होता है, तब ऐसी आवाजें ज्यादा ध्यान खींचती हैं।
हर बार कुत्ते के हूकने को सामान्य व्यवहार मानकर नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। अगर कोई कुत्ता पहले शांत रहता था, लेकिन अचानक लगातार रोने या हूकने लगा है, तो इसकी वजह समझने की कोशिश करनी चाहिए।
कभी-कभी दर्द या शारीरिक परेशानी के कारण भी कुत्ते असामान्य आवाजें निकाल सकते हैं। अगर आवाज के साथ बेचैनी, सुस्ती, खाना कम करना, चलने में परेशानी या व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, तो पशु चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।
कुत्ते के आसपास के माहौल पर भी ध्यान दें। संभव है कि कोई दूसरी आवाज उसे परेशान कर रही हो, वह अकेलापन महसूस कर रहा हो या किसी अनजान हलचल पर प्रतिक्रिया दे रहा हो।
कुत्तों के हूकने को मौत या अनहोनी से जोड़ने वाली मान्यताएं कई संस्कृतियों में लंबे समय से प्रचलित रही हैं। इसका एक संभावित कारण यह है कि कुत्ते कुछ ऐसी आवाजों और हलचलों पर प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिन पर इंसान तुरंत ध्यान नहीं दे पाता। इससे लोगों को लगता है कि कुत्ता किसी ऐसी चीज को देख या महसूस कर रहा है, जो उन्हें दिखाई नहीं देती।
लेकिन किसी व्यक्ति की मौत या आने वाली अनहोनी की भविष्यवाणी करने के लिए कुत्ते के हूकने को लेकर कोई विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए इसे भूत-प्रेत की मौजूदगी का संकेत मानने का वैज्ञानिक आधार नहीं है।
रात में कुत्ते के रोने या हूकने की आवाज सुनाई दे, तो सबसे पहले उसके आसपास के माहौल और व्यवहार पर ध्यान दें। इसकी वजह किसी दूसरे कुत्ते की आवाज, सायरन, अकेलापन, डर या शारीरिक परेशानी हो सकती है।
अगर कुत्ता सामान्य रूप से आवाज निकाल रहा है, तो यह उसके संवाद करने का तरीका भी हो सकता है। लेकिन अगर उसका व्यवहार अचानक बदल गया है या वह दर्द और बीमारी के संकेत दिखा रहा है, तो पशु चिकित्सक की मदद लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर, रात में कुत्ते का रोना अपने आप में भूत-आत्मा या किसी अनहोनी का संकेत नहीं है। इसके पीछे पहले सामान्य और वैज्ञानिक कारणों को समझना ज्यादा जरूरी है।
नई दिल्ली: देश में एसिड अटैक की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया…
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर मौसम विभाग और आपदा…
मुंबई: वरुण धवन, कृति सेनन और निर्देशक अमर कौशिक की एक मुलाकात ने फिल्मी गलियारों…
वॉशिंगटन: अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मिड-टर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और…
नई दिल्ली: बिना किसी ठोस वजह के विधायक पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने…
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत ने अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में लंबे…