अगर आप 2026 में अपना फोन अपग्रेड करने का सोच रहे हैं, तो संभल जाए क्योंकि टेक वर्ड से एक ऐसी खबर आ रही है जो आपके बजट का ‘सिस्टम’ हिला सकती है। Vivo, Oppo और OnePlus जैसे बड़े नाम अब अपने दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। और इसका सबसे बड़ा विलेन कोई और नहीं, बल्कि Artificial Intelligence है।
आखिर फोन महंगे क्यों हो रहे हैं?
इसके पीछे का असली ‘गेम’ चिपसेट और मेमोरी की कीमतों में छिपा है। एक्सपर्ट्स का कहना है: पूरी दुनिया में AI सर्वर्स और डेटा सेंटर्स की भूख बढ़ गई है। जिसकी वजह से NAND और DRAM मेमोरी चिप्स की डिमांड आसमान छू रही है।
चिप बनाने वाली कंपनियां अब स्मार्टफोन से ज्यादा AI-स्पेशलाइज्ड चिप्स बनाने पर फोकस कर रही हैं। जिसका नतीजा फोन में लगने वाली मेमोरी की कीमतें 80% तक बढ़ गई हैं। सिर्फ चिप ही नहीं, बल्कि मेटल, इलेक्ट्रिसिटी और शिपिंग के खर्चों ने भी इस ‘प्राइस हाइक’ में आग में घी डालने का काम किया है।
इस महंगाई का सबसे तगड़ा झटका बजट और मिड-रेंज सेगमेंट को लगने वाला है,

जहाँ Vivo T4 Lite 5G जैसे फोंस 1,500 से 2,000 रुपए तक महंगे हो सकते हैं, वहीं Oppo की पॉपुलर A-सीरीज और K-सीरीज की कीमतों में 10% से 15% तक का सीधा उछाल देखने को मिल सकता है।
इतना ही नहीं, प्रीमियम फील देने वाला OnePlus 15R भी अब अपनी पुरानी कीमत को पीछे छोड़ते हुए 50,000 रुपए के बैरियर को पार कर सकता है, जिससे मिड-प्रीमियम फोंस खरीदना अब और भी चैलेंजिंग हो जाएगा।

क्या कहना हैं एक्सपर्ट्स का?
टेक एनालिस्ट्स का मानना है कि यह पिछले पांच सालो में स्मार्टफोन इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कलेक्टिव प्राइस हाईक है। फिलहाल प्रीमियम सीरीज जैसे Oppo Find या Vivo X-सीरीज की कीमतों में तुरंत बदलाव की उम्मीद कम है, क्योंकि उनमें मार्जिन पहले से ही बहुत ज्यादा होता है। हालांकि, बजट सेगमेंट में कंपनियों के पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

एक्सपर्ट्स यह भी कह रहे है की AI की भूख ने मोबाइल बाजार का बैलेंस बिगाड़ दिया है। जब तक चिप की सप्लाई नार्मल नहीं होती, कस्टमर्स को अपनी जेब ढीली करनी ही होगी।