लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को लोकसभा में खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद ओम बिरला को बड़ी राहत मिली है। माना जा रहा था कि विपक्ष के पास आवश्यक संख्या नहीं होने के कारण प्रस्ताव पास नहीं हो पाएगा।
सदन में ध्वनिमत (voice vote) के जरिए प्रस्ताव खारिज किया गया। इस दौरान सांसदों ने नियमों और संसदीय मर्यादा के पालन पर जोर दिया।
ओम बिरला के समर्थकों ने इसे उनके लिए सुरक्षा और स्थिरता की बड़ी जीत के रूप में बताया। वहीं विपक्ष ने कहा कि वे अपने मुद्दों को आगे भी उठाते रहेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को अपने संबोधन में कहा कि सदन में किसी मेंबर के माइक को चेयर की मर्ज़ी से कंट्रोल करना संभव नहीं है। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सांसद तभी बोल सकते हैं जब उनकी बारी हो।
स्पीकर ने बताया कि विपक्ष की महिला सांसदों के प्लेकार्ड लेकर ट्रेजरी बेंच पर चढ़ने जैसी घटनाओं के दौरान लिए गए फैसले संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए थे।
ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वे संसद के सभी सदस्यों के उठाए गए मुद्दों के लिए आभारी हैं और संसद में संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे।
स्पीकर ने विपक्ष पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सदन नियमों और कानूनों के अनुसार चलता है, और बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए जाने वाले सभी दस्तावेज, तस्वीरें और कोट्स स्पीकर की मंजूरी के बिना पेश नहीं किए जा सकते, और विपक्ष द्वारा नियमों का पालन न करने के कारण कुछ फैसले लेना पड़ा।