कब मनाई जाएगी सर्वपितृ अमावस्या 2026, क्या है शुभ मुहूर्त और कैसे करें पितरों की पूजा?

सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 को होगी, तिथि 9 अक्टूबर रात 9:35 बजे से 10 अक्टूबर रात 9:19 बजे तक रहेगी।

सर्वपितृ अमावस्या पर अपराह्न काल दोपहर 1:18 से 3:37 बजे तक रहेगा, जिसे श्राद्ध और तर्पण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

अगर किसी पूर्वज की मृत्यु तिथि याद नहीं है, तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन उनके निमित्त श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है।

इस दिन नदी किनारे या घर पर विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान करें तथा जरूरतमंदों को भोजन, अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें।

10 अक्टूबर को शनि अमावस्या का संयोग है, पीपल के नीचे दीपक जलाकर शनि देव और पितरों का स्मरण करें।

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में समय में अंतर हो सकता है।